पंजाब के जालंधर में एक युवक बाढ़ के पानी में बह गया। जालंधर के गांव लोहियां का युवक गुरप्रीत सिंह पुत्र जगजीत सिंह बाढ़ के पानी में लापता हो गया है। गुरप्रीत सिंह शुक्रवार को गांव चिट्टी वेई, खालेवाल पुल (थाना लोहियां, सब-डिवीजन शाहकोट) के पास अपनी मोटरसाइकिल खड़ी करके बाढ़ के पानी में उतरा था। अचानक वह पानी के तेज बहाव में बह गया और उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
युवक के पानी में बह कर लापता होने की सूचना मिलते ही जालंधर ग्रामीण के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क के निर्देश पर गुरप्रीत को खोजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। एनडीआरएफ की टीम, गोताखोर और स्थानीय प्रशासन की मदद से युवक की तलाश की जा रही है। स्थानीय पुलिस भी हरसंभव प्रयास कर रही है कि युवक को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।
पंजाब पुलिस ने गुरप्रीत सिंह के परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है और आश्वासन दिया है कि इस घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है, ताकि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की जा सके। स्थिति पर पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार नजर रखी जा रही है। पंजाब में बाढ़ की वजह से अबतक 43 लोगों की मौत हो चुकी है।
ममदोट में छोटी नहर टूटी, शहर में घुसने लगा पानी
फिरोजपुर के ममदोट में भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक से छांगा राय छोटी नहर पानी के बहाव से टूट गई। उक्त नहर सतलुज दरिया के साथ ममदोट को बचाने के लिए बांध का काम कर रही थी। ग्रामीण मंगल सिंह व बलविंदर सिंह ने बताया कि वीरवार देर शाम उक्त नहर टूट गई। इसके टूटने से काफी तेजी से पानी गांव की तरफ बढ़ रहा है। इस तरह से पानी गांव की तरफ आ रहा है। मदोट पहले बाढ़ से बचा हुआ था लेकिन नहर के टूटने से दरिया का पानी भी नहर में घुस रहा है। ग्रामीण इस टूटी नहर को ठीक करने में जुटे हुए हैं। पानी की रफ्तार इतनी तेज है कि वहां पर मिट्टी का बांध भी नहीं टिक पा रहा है।
दो हजार करोड़ का राहत पैकेज जारी करे सरकार : धालीवाल
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिव राज चौहान वीरवार को बाढ़ प्रभावित पंजाब दौरे पर आए थे। अमृतसर में रावी नदी की बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित घोनेवाला पहुंचे थे। इस दौरान विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्रीय मंत्री से बाढ़ पीड़ितों को शीघ्र राहत एवं पुनर्वास उपाय प्रदान करने में केंद्र सरकार के तत्काल सहयोग की अपील की।
धालीवाल ने कहा कि अजनाला विधानसभा क्षेत्र 49 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है और बरसात के मौसम में रावी नदी का पानी लगभग हर साल अजनाला विधानसभा क्षेत्र में जान-माल की तबाही लाता है। रावी नदी क्षेत्र के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग पड़ोसी देश पाकिस्तान की भारत विरोधी साजिशों, नशों, हथियारों और ड्रोन के माध्यम से घुसपैठ आदि को विफल करने के लिए बीएसएफ, पंजाब पुलिस और सिविल प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षा की दूसरी पंक्ति के रूप में कार्य को हमेशा तत्पर रहते हैं। 1965, 1971, 1999 के कारगिल युद्धों और हाल ही में हुए आपरेशन सिंदूर के दौरान भी ये सीमावर्ती लोग पड़ोसी देश की साजिशों के दांत खट्टे करने के लिए बीएसएफ के साथ एक मजबूत चट्टान की तरह खड़े रहे हैं।