डेयरी विकास विभाग की ओर से गांव की महिलाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए डेयरी फार्मिंग महिला सशक्तिकरण योजना लागू की गई है।
इस योजना के तहत महिलाओं को पंद्रह दिन तक मुफ्त सिखलाई दी जाएगी। उन्हें दुधारू पशुओं के स्टैंडर्ड यूनिट पर अधिक सबसिडी भी मुहैया करवाई जाएगी। यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर डॉ. इंदु मल्होत्रा ने दी।
उन्होंने बताया कि स्कीम के तहत केटल शैड के लिए पचास फीसदी, मिल्ंिकग मशीन के लिए पचास फीसदी, दूध बलक कूल (दूध को ठंडा करने वाला) हेतु पचास फीसदी, बायोगैस प्लांट के लिए पचास फीसदी और दुधारू पशुओं के लिए 35 फीसदी सबसिडी दी जाएगी। डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि इस स्कीम के अधीन आने वाले पशुओं का तीन साल के लिए मुफ्त बीमा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि डेयरी फार्मिंग के धंधे की प्राथमिक सिखलाई देने के बाद वित्तीय संस्थाओं ने जरूरत अनुसार कर्ज प्रोजेक्ट मुताबिक मुहैया करवाकर बीस दुधारू पशुओं का डेयरी फार्मिंग यूनिट स्थापित करवाया जाएगा।
इस योजना का लाभ ग्रामीण 25 से 40 साल तक आयु की दसवीं पास महिलाओं को ही मिलेगा, लेकिन लाभपात्री महिलाएं और उनके परिवार के किसी सदस्य को पहले इस मद अधीन कोई कर्ज या सबसिडी मिली न हो। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक उम्मीदवार 24 दिसंबर तक डिप्टी डायरेक्टर (डायरी) दफ्तर जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में अपने आवेदन भर सकते हैं। इनका चुनाव स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से किया जाएगा।