जालंधर। जब कांग्रेस सत्ता में आई थी तो पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि पहली कैबिनेट मीटिंग में ही कच्चे कर्मचारियों को स्थायी कर दिया जाएगा, लेकिन सत्ता में आने के बाद कांग्रेस के मुख्यमंत्री सारे वादों को भूल गए हैं।
इन बातों का प्रगटावा सर्व शिक्षा अभियान दफ्तरी कर्मचारियों ने किया। यूनियन के शोभित भगत, गगन स्याल ने कहा कि पिछले 4 वर्षों में मुख्यमंत्री ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के मात्र आश्वासन ही दिए हैं। कर्मचारियों को पक्का करने के लिए ब्रह्म महिंद्रा के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी का गठन किया गया था, लेकिन चार वर्षों में इस कमेटी ने कर्मचारियों की बात तक नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि इससे गुस्साए कर्मचारी अब 19 जून को खरड़ में कैबिनेट सब कमेटी के सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी के घर के बाहर धरना देंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार के झूठे वादों को बेनकाब करने और मंत्रियों के घर जाकर उनसे सवाल पूछने के लिए कर्मचारियों की तरफ से कई तरह के प्रदर्शन भी किए जाएंगे।