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पश्चिम एशिया संघर्ष: एलपीजी जहाज को सुरक्षित लाए जालंधर के कैप्टन सुखमीत, परिवार ने जताया गर्व

Wed, 18 Mar 2026 12:39 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर

सार

सुखमीत सिंह 26 फरवरी को कतर में थे और 28 फरवरी को ईरान के लिए रवाना हुए, ठीक उसी समय जब युद्ध शुरू हुआ था।
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कैप्टन सुखमीत सिंह - फोटो : अमर उजाला/फाइल
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच जालंधर के रहने वाले कैप्टन सुखमीत सिंह ने एलपीजी (रसोई गैस) से भरे जहाज को सुरक्षित भारत पहुंचाया। वह उन दो जहाजों में से एक के कमांडर थे, जिन्होंने हजारों मीट्रिक टन एलपीजी को सुरक्षित वापस लाकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट तक पहुंचाया।
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आदमपुर स्थित उनके आवास पर इस उपलब्धि को लेकर भावुक माहौल देखा गया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि सुखमीत सिंह 26 फरवरी को कतर में थे और 28 फरवरी को ईरान के लिए रवाना हुए, ठीक उसी समय जब युद्ध शुरू हुआ था।
 
उनकी पत्नी संदीप कौर ने बताया कि सुखमीत इस दौरान हमारे साथ फोन पर ज्यादा बात नहीं कर पाते थे। वह बस इतना ही कहते थे कि सब ठीक है, जिससे परिवार को थोड़ी राहत मिलती थी। यह मिशन न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि युद्ध जैसे हालात में इसे सफलतापूर्वक पूरा करना कैप्टन सुखमीत सिंह की बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है।
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