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Study Abroad: कनाडा में कक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू, 70 फीसदी विद्यार्थियों के वीजा अटके, टेंशन बढ़ी

Sat, 20 Aug 2022 11:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह सुरिंदर पाल, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

विद्यार्थी कॉलेज की फीस से लेकर एयर टिकट तक बुक करवा चुके हैं। करीब 50 हजार विद्यार्थियों की सांसे अटकी हैं। विद्यार्थी लाखों रुपये अदा कर चुके हैं। अनुमान के मुताबिक, कनाडा ने मौजूदा सत्र में महज 30 फीसदी विद्यार्थियों को ही वीजा जारी किया है।
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वीजा - फोटो : pixabay
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विस्तार
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कनाडा में सितंबर के पहले सप्ताह से तमाम कॉलेज व यूनिवर्सिटी में कक्षाएं शुरू हो रही हैं लेकिन करीब 50 हजार विद्यार्थियों की सांसे अटकी हुई हैं। कारण यह है कि महज 15 दिन का समय बचा है और कनाडा दूतावास की तरफ से भारतीय विद्यार्थियों को वीजा जारी नहीं किया जा रहा है।

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कई विद्यार्थी अगस्त माह के आखिरी दिनों की एयर टिकट तक बुक करवाकर व लाखों रुपये कनाडा के कॉलेजों को फीस देकर बैठे हुए हैं लेकिन स्टडी वीजा की फाइलें अटकी हुई हैं। एक अनुमान के मुताबिक, कनाडा ने मौजूदा सत्र में महज 30 फीसदी विद्यार्थियों को ही वीजा जारी किया है जबकि 70 फीसदी की फाइलें अटकी हुई हैं, जिससे छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। उक्त छात्र अब भारतीय कॉलेजों में भी दाखिला नहीं ले सकते हैं।

दरअसल, कनाडा में भारतीय खासकर पंजाबी युवाओं का स्टडी का जबरदस्त क्रेज है। कनाडा के 110 के करीब ऐसे कॉलेज ऐसे हैं, जहां पर भारतीय मूल के छात्र स्टडी करने के लिए जाते हैं। जिसमें खासकर टोरंटो के नायग्रा कॉलेज, सेंट क्लेयर कॉलेज, सेंटनियल, क्रैंबरियन कॉलेज, कनेस्टोगा, लैंपटन, शैरडेन के अलावा वैंकुवर के लंगारा, केपीयू, डग्लस आदि प्रमुख हैं।
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इन कॉलेजों में कई ऐसे तकनीकी कोर्स हैं, जिनका दाखिला साल के सितंबर माह में ही होता है। ग्रीन बिजनेस मैनेजमेंट, एप्लाइड इंवायरमेंट टेक्निश्यन व साइबर सिक्योरिटी आदि समेत कुछ कोर्स हैं, जिनका दाखिला सिर्फ सितंबर सत्र के लिए होता है। अगर छात्रों को अब स्टडी वीजा नहीं मिला तो उनको 2023 में सितंबर में दाखिला लेना होगा। वहीं कॉलेजों की तरफ से साल में तीन सत्र चलाये जाते हैं, जिसमें जनवरी, मई, सितंबर में ही दाखिला दिया जाता है। 

करीब 50 हजार ऐसे विद्यार्थियों की फाइलें कनाडा दूतावास के पास लंबित पड़ी हैं, जिनको स्टडी वीजा का इंतजार है। इसमें वह विद्यार्थी भी हैं, जिनहोंने यूनिवर्सिटी में स्टडी के लिए जाना है। कनाडा की प्रमुख यूनिवर्सिटी यूबीसी, यूएफटी, मेक्मास्टर, यू ओटावा, साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी आदि विश्वस्तरीय हैं, जिसमें काफी भारतीय बच्चों ने आवेदन कर रखा है लेकिन उनको वीजा जारी नहीं हुआ है।

इन यूनिवर्सिटी में नियम व कानून सख्त हैं, उनकी तरफ से बार बार विद्यार्थियों को कहा जा रहा है कि वह हर साल में 6 सितंबर को यूनिवर्सिटी में रिपोर्ट करें लेकिन दिक्कत यह है कि कब स्टडी वीजा आयेगा, कब टिकट बुक होगी, कब जाएंगे, इसको लेकर सांसे अटकी हुई हैं। इन यूनिवर्सिटी में वह स्टूडेंट्स जा रहे हैं जिनके जमा दो की कक्षा में 90 फीसदी के आसपास अंक हैं। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
दरअसल, कनाडा में स्टडी वीजा आवेदन करने से पहले विद्यार्थी को एक साल की एडवांस फीस जमा करवानी पड़ती है, अगर कॉलेज में डिप्लोमा करने के लिए जा रहे हैं तो फीस 10 लाख रुपये, इसके अलावा छह लाख रुपये जीआईसी खाते में जमा करवाना पड़ता है। उसके अलावा मेडिकल भी करवाकर साथ लगाया जाता है।

अगर विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी में जाना हो तो फीस 30 लाख रुपये प्रति वर्ष के अलावा जीआईसी खाते में 6 लाख रुपये जमा करवाने के साथ मेडिकल करवाकर फाइल पूरी कर आवेदन किया जाता है। भारतीय स्टूडेंट्स एक साल की फीस के अलावा तमाम तामझाम पूरे कर आवेदन कर अपने स्टडी वीजा का इंतजार कर रहे हैं। इनमें कई ऐसे बच्चे भी हैं, जिनहोंने भारत के नामी गिनामी कॉलेजों में अपनी सीट छोड़कर कनाडा को त्वज्जों दिया है।

केस एक...
अमृतसर के रहने वाले 20 साल के एक विद्यार्थी ने कनाडा के स्सकेचवन के सरकारी कॉलेज में दाखिला लिया था। उसको ग्रीन बिजनेस मैनेजमेंट में दो साल का डिप्लोमा करने के लिए जाना था। अप्रैल माह में उसने फाइल पूरी कर दूतावास को आवेदन कर दिया क्योंकि उक्त डिप्लोमा में दाखिला सिर्फ सितंबर माह में ही मिलता है। ऐसे में उक्त विद्यार्थी ने 10 लाख रुपये फीस भी सरकारी कॉलेज को ट्रांसफर कर दी। इसके अलावा आईलेट्स में 7 बैंड भी आए लेकिन उसका वीजा अप्रैल से पैंडिंग है। अब कॉलेज की तरफ से कहा जा रहा है कि आप 2023 में आकर दाखिला लो, अगर आपका वीजा नहीं आ रहा है। उक्त विद्यार्थी का कहना है कि उसका एक साल बर्बाद हो रहा है, कनाडा दूतावास वीजा ही नहीं जारी कर रहा है।

केस नंबर 2...
अमृतसर की स्नातक लड़की ने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा करने के लिए एप्लाइड प्लेनिंग इंवायरमेंट में दाखिला लिया था। पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा के लिए फीस 11 लाख रुपये अदा भी किये और जीआईसी  खाता भी खुलवाकर 6 लाख रुपये जमा करवाये।  ओंटारियो फ्लेमिंग कॉलेज में दाखिला मिल गया फाइल आज भी एबेंसी के पास पड़ी है और कक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। उक्त छात्रा का कहना है कि मेरे को कनाडा पहुंचकर रहने का बंदोबस्त करना है, खाने पीने की व्यवस्था करनी है, टिकट भी बुक करवानी है लेकिन वीजा नहीं आया है। महज 15 दिन बाकी बचे हैं, चिंता काफी है। एक साल भी खराब हो सकता है।
 
कनाडा दूतावास को भविष्य का ख्याल करना चाहिए - त्रिवेदी
साका ( स्टडी एबार्ड कंसल्टेंट एसोसिएशन) के चेयरमैन सुकांत त्रिवेदी का कहना है कि करीब 50 हजार स्टडी वीजा की फाइलें लंबित हैं, जिस पर कनाडा दूतावास को फैसला लेना चाहिए। छात्रों के भविष्य का ख्याल रखना चाहिए क्योंकि कनाडा की धरती पर पहुंचकर कम से कम 15 दिन का समय विद्यार्थियों को सेटल होने के लिए भी चाहिए। एयर टिकट की समस्या भी आएगी, फ्लाट्स में टिकट नहीं है। कॉलेज व यूनिवर्सिटी में फीस अदा की जा चुकी है, विद्यार्थी परेशान हैं समस्या का समाधान होना चाहिए। केंद्र सरकार को इसके लिए कनाडा की सरकार से बात कर समाधान निकालना चाहिए।
 
बच्चों की परेशानी व सांसे अटकी हुई हैं - मंजीत कौर
स्टडी वीजा कंसल्टेंट मंजीत कौर का कहना है कि बच्चे काफी परेशान हैं, कॉलेज व यूनिवर्सिटी लगातार विद्यार्थियों को नोटिस भेजकर सितंबर के पहले सप्ताह में रिपोर्ट करने के लिए नोटिस भेज रहे हैं लेकिन स्टडी वीजा ही नहीं आ रहा है। विद्यार्थियों का बुरा हाल है और परेशानी बढ़ती जा रही है।
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