गांव मैणवा में शुक्रवार की देर रात चौकी साइंस सिटी की पुलिस ने रेड करके अवैध शराब ठेका पकड़ा। वहां सरेआम देसी शराब बिक रही थी। पुलिस टीम को देखकर कारिंदा शराब वहीं छोड़कर फरार हो गया। पुलिसे शराब जब्त करके ठेकेदार व कारिंदे समेत चार लोगों को नामजद करके गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है।
चौकी साइंस सिटी के इंचार्ज एएसआई अर्जुन सिंह ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी कि कोरोना वायरस के चलते जहां सूबे में भर में कर्फ्यू के चलते सब कुछ बंद हैं, ऐसे में ठेकेदार कुलविंदर चंद एंड कंपनी गांव मैणवां में अवैध ठेका खुलवा कर नाजायज शराब बिकवा रहे हैं। इस पर उन्होंने तुरंत छापामारी की तो वहां पर विजय कुमार निवासी गांव मैैणवा घर में बनी दुकान में देसी शराब रखकर सरेआम बेच रहा था। पुलिस की रेड की सूचना मिलते ही विजय कुमार फरार हो गया। पुलिस ने वहां से करीब 12 पेटी देसी शराब की बरामद करके अपने कब्जे में ले ली।
एएसआई के अनुसार विजय कुमार ठेकेदार कुलविंदर चंद, तरलोक चंद उर्फ राणा और रघबीर सिंह खैड़ा के ठेके की शराब अवैध ढंग से गांव में नाजायज तरीके से बेच रहा था। इन चारों के खिलाफ थाना सदर में एक्साइज एक्ट का केस दर्ज कर लिया है। हैरानी वाली बात तो यह भी है कि जिस एक्साइज इंस्पेक्टर के अधीन कपूरथला का एरिया आता है, वह ठेकेदारों को अपने एरिया का न जाने क्यों मानने को तैयार नहीं है।
एक्साइज इंस्पेक्टर रन बहादुर ने तो साफ तौर पर मना कर दिया कि यह ठेका उनके अधीन नहीं आता है। उनके बयान से मामला संदिग्ध लग रहा है। ईटीओ हरप्रीत सिंह ने कहा कि शराब बरामद के मामले में पुलिस को धारा-188 भी लगानी चाहिए थी। जिस ठेकेदार की शराब अवैध ढंग से बिक रही थी, वह वडाला कलां का एरिया कपूरथला के एक्साइज इंस्पेक्टर रन बहादुर के अधीन आता है। बहरहाल, इस पूरे मामले में पुलिस और एक्साइज विभाग की भूमिका पूरी तरह से संदेहास्पद प्रतीत हो रही है।