जालंधर। महानगर के निजी अस्पतालों में आए दिन कोरोना मरीज की मौत के बाद हंगामा देखने को मिल रहा है। इस बार केयरमैक्स अस्पताल में मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाया है। मामला इस कदर बढ़ गया कि अस्पताल स्टाफ व मरीज के परिजनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा कर मामला सुलझाने के लिए थाने में बुला लिया। एक तरफ जहां मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं अस्पताल के अधिकारियों ने सभी आरोपों से इंकार किया।
मरीज के परिजनों अभिषेक और आशीष ने कहा कि होशियारपुर के सरस्वती विहार निवासी 55 वर्षीय राजीव शर्मा को शुक्रवार को कोरोना के इलाज के लिए केयरमैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। इससे पहले उनका होशियारपुर के सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा था। मरीज का ऑक्सीजन सेचुरेशन ठीक होने के बावजूद डॉक्टरों ने मरीज को कोरोना आईसीयू में रखा था। यही कारण था कि उनके मरीज की मौत कोरोना इंफेक्शन से हो गई। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अस्पताल के डॉक्टर अनिल से मिलना चाहा तो किसी ने उन्हें डॉक्टर से मिलने नहीं दिया। यहां तक कि अस्पताल के स्टाफ ने उन्हें अपशब्द कहे। इस बीच जब उन्होंने पुलिस को सूचित किया तो अस्पताल में डॉक्टर भी आ गए। डॉक्टर ने आते ही उनसे कहा कि अब तुम हमें इलाज करना सिखाओगे। उन्होंने कहा कि मरीज बुधवार सुबह ठीक था, लेकिन अस्पताल की लापरवाही के कारण रात को मरीज की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अस्पताल के प्रबंधक हरप्रीत सिंह ने कहा कि मरीज के परिवार वालों के आरोप सही नहीं हैं। मरीज को जब छह दिन पहले अस्पताल लाया गया था तो उसकी हालत काफी खराब थी। मरीज की हालत के बारे में उन्होंने तीमारदारों को बता दिया था। अस्पताल की तरफ से इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।