इसी बीच अपने भाई सत्तनाम सिंह की जान बचाने के लिए उसका भाई जसप्रीत सिंह भी टैंकर के अंदर गया और गैस चढ़ने के कारण मौके पर ही उसकी भी मौत हो गई। घटना का पता फैक्ट्री के मुनीम मंगत राम शर्मा को करीब साढे़ 11 बजे चला तो उसने अपने मालिक को सूचित किया।
इस दौरान मौके पर पुलिस टीम ने पहुंचकर तीनों मजदूरों के शव कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल मोगा के शवगृह में रखवा दिए। एसपी के अनुसार मामले की जांच जारी है और प्राथमिक जांच दौरान पता चला है कि फैक्ट्री मालिक ने फैक्ट्री चलाने के लिए कर्फ्यू के दौरान मंजूरी नहीं ली थी।
वहीं फैक्ट्री में कुल 10 के करीब मजदूर काम करते हैं और सोमवार के दिन करीब पांच मजदूरों को मालिक उनके घर जाकर अपने साथ लेकर आया था। एसपी का कहना है कि मृतकों के परिजनों को बुलाया गया है और जांच के बाद परिजनों के बयान पर कार्रवाई की जाएगी।