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बहिबल गोलीकांड: इंसाफ के लिए अब पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक देगा पीड़ित परिवार

Thu, 06 Feb 2020 01:27 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरगाड़ी(फरीदकोट)
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फरीदकोट के गांव बहिबल कलां में अपने आवास पर जानकारी देती जसवीर कौर व उनका बेटा लखविंदर सिंह। - फोटो : FARIDKOT
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बरगाड़ी बेअदबी मामले से सम्बंधित बहिबल गोलीकांड केस के मुख्य गवाह सुरजीत सिंह की हार्ट अटैक से हुई मौत के मामले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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पीड़ित परिवार का दावा है कि मौत से पहले सुरजीत सिंह पर गवाही मुकरने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और दबाव बनाने वाले व्यक्तियों को राज्य के कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार व फरीदकोट से विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों की शह थी। इस मामले को लेकर करीब एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से खफा मृतक सुरजीत सिंह के परिवार ने अब इंसाफ के लिए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में दस्तक देने का फैसला किया है।

बुधवार को गांव बहिबल कलां स्थित अपने आवास पर पत्रकारवार्ता में सुरजीत सिंह की पत्नी जसवीर कौर व बेटे लखविंदर सिंह ने बताया कि भले ही उन्होंने दो दिन पहले भी थाना बाजाखाना में एक नई शिकायत सौंपकर कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़, विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों समेत बरगाड़ी पुलिस चौकी के दो मुलाजिमों, पावरकाम के तीन अधिकारियों के साथ साथ अपने गांव के मनजिंदर सिंह समेत तीन व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, लेकिन उन्हें अब न तो जिला पुलिस पर कोई भरोसा है और न ही उनसे किसी तरह के न्याय की कोई उम्मीद है।
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पुलिस ने उनकी पहली शिकायत में से महज उनके गांव के तीनों व्यक्तियों के खिलाफ हवाई फायरिंग के आरोप का केस दर्ज किया था और उस केस के दर्ज होने के सात दिन बीत जाने पर भी उन आरोपियों को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस शिकायत में उन्होंने बरगाड़ी पुलिस के दो पुलिस मुलाजिमों एएसआई गुरविंदर सिंह व हवलदार जगसीर सिंह और पावरकाम के तीन अधिकारियों कार्यकारी इंजीनियर कंवलजीत सिंह, एसडीओ बलजिंदर सिंह व जेई तेजपाल पर भी कार्रवाई की मांग की थी लेकिन पुलिस ने महज मनजिंदर सिंह आदि पर केस दर्ज कर इस मामले को परिवार की निजी रंजिश के रूप में पेश किया।

उन्होंने कहा कि हालांकि पहले उन्हें मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से न्याय की उम्मीद थी लेकिन मुख्यमंत्री से मिलने के एक सप्ताह बाद भी कोई कार्रवाई न होने के कारण अब यह उम्मीद भी टूट चुकी है जिसके चलते अब उन्होंने हाईकोर्ट में गुहार लगाने का फैसला कर लिया है।
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विधायक समर्थकों ने करवाई गवाहों की प्रेस कांफ्रेंस

मृतक सुरजीत सिंह की पत्नी जसवीर कौर व बेटे लखविंदर सिंह का आरोप है कि एक दिन पहले मंगलवार को अफसर क्लब में हुई 7 गवाहों की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों के समर्थकों ने करवाया था और इसके लिए किसी गवाह ने नहीं बल्कि विधायक के एक करीबी ने ही फोन किए थे। गवाहों द्वारा उन पर लगाए आरोपों में रत्ती भर सच्चाई नहीं है। उनका मनजिंदर सिंह आदि से कोई निजी विवाद नहीं है, बल्कि मनजिंदर लंबे समय से मंत्री और विधायक की शह पर ही उन्हें परेशान कर रहा था।

इस बात में भी कोई सच्चाई नहीं है कि पावरकाम ने उनके गांव के कई घरों पर छापा मारकर जुर्माना किया था बल्कि पावरकाम अधिकारियों ने सबसे पहले सिर्फ उनके घर की ही चेकिंग करके जुर्माना किया था, जबकि गांव के बाकी घरों पर 19 दिन बाद छापा मारा गया था। उन्होंने कहा कि विधायक ढिल्लों के मनजिंदर सिंह से संबंध न होने के दावे में कोई दम नहीं है और उनके पास विधायक ढिल्लों के साथ मनजिंदर सिंह की कई तस्वीरें उपलब्ध है।

मृतक सुरजीत सिंह की पत्नी जसवीर कौर की शिकायत पर अलग-अलग पड़ताल करवाई जा रही है। कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों के खिलाफ आरोपों की जांच सीनियर पुलिस अधिकारियों से कराई जाएगी।
- मनजीत सिंह ढेसी, एसएसपी, फरीदकोट
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