डीजीपी ने बताया कि जावेद और उसका भाई आरिफ अहमद भट्ट 2012 में जम्मू-कश्मीर होमगार्ड में भर्ती हुए थे लेकिन बाद में जावेद ने नौकरी छोड़ दी थी। डीजीपी ने बताया कि जावेद से हुई प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह 11 जून को वसीम और आमिर के साथ ही अलग ट्रक में अमृतसर गया था। वसीम और आमिर ने अमृतसर के वल्ला रोड से हथियारों की खेप उठा ली। जबकि, उनके हैंडलर इश्फाक अहमद डार उर्फ बशीर अहमद खान ने जावेद को वहीं रुककर और हथियार सप्लायरों से संपर्क साधने को कह दिया।
पंजाब पुलिस खंगाल रही तीनों के सूबे में लिंक: डीजीपी
डीजीपी ने बताया कि तीनों आतंकवादियों के पंजाब, जम्मू और कश्मीर में मौजूद अन्य और लिंक की जांच की जा रही है। गुप्ता ने बताया कि खुफिया एजेंसियों से यह जानकारी मिली है कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई , आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पंजाब और कश्मीर की सरहद से हथियारों की खेप और आतंकवादी भेज रही है।
25 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था एक आतंकी
डीजीपी ने बताया कि इससे पहले 25 अप्रैल को भी पंजाब पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के एक अन्य युवक हिलाल अहमद वागे को गिरफ्तार किया था जो हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर रियाज नायकू के निर्देश पर अमृतसर से ड्रग मनी लेने पहुंचा था। उस मामले में भी युवक ने ट्रक का इस्तेमाल किया था।