एसएसए, रमसा और सीएमएस अध्यापक यूनियन के सदस्य मंगलवार को अपनी मांगों के लिए जिले के देश भगत यादगार हाल में एकत्रित हुए। यूनियन की मौजूदा समय के दौरान मुख्य डिमांड गिरफ्तार किए गए साथियों को रिहाई करवाना और पक्की भर्ती हासिल करना था।
रैली के दौरान अध्यापकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद रोष रैली निकालते हुए यूनियन सदस्य भगत चुन्नी लाल के निवास पर पहुंचे। यहां अध्यापक यूनियन ने नरेंद्र मोदी और पंजाब सरकार का पुतला फूंका।
नॉन टीचिंग यूनियन रमसा ने मंगलवार को मुख्य संसदीय सचिव पवन टीनू से मुलाकात की। जिला प्रधान गगन ने बताया कि इस मुलाकात के दौरान यूनियन ने टीनू को याद दिलाया है कि उन्होंने वायदा किया था कि रमसा के तहत ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों को रेगुलर कर दिया जाएगा। इसके लिए 31 जनवरी तक नोेटिफिकेशन भी जारी हो जाएगा।
रमसा के टीचर यूनियन के जिला कोआर्डिनेटर लवतार सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार उनकी डिमांड को दबाना चाहती है। लुधियाना में अपनी मांगों को लेकर बैठक करते समय उनके 58 साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। स्टेट प्रधान राम भजन चौधरी, महासचिव हरदीप टोडरपुर, मोहम्मद दाउद आलम जिला प्रधान, जय प्रकाश, महासचिव गुरप्रीत, स्टेट कमेटी सदस्य सुरिंदर शाहकोट के मुताबिक उनकी मुख्य डिमांड में जेल में बंद अध्यापकों को बिना शर्त रिहा करवाना और रेगुलर भर्ती करना है। इस दौरान गवर्नमेंट टीचर यूनियन की तरफ से करनैल सिंह भी मौजूद थे।