गांव रामसरा स्थित फार्म हाउस में 11 दिसंबर, 2015 को दलित युवक भीम टांक की हत्या करने के मामले में खुद को निर्दोष बताते हुए डोडा ने याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की हुई है।
सोमवार को उसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट को डोडा के वकील ने बताया कि इस प्रकरण में कातिलाना हमले से घायल गुरजंट सिंह जंटा और उसके भाई रंजीत सिंह राणा और मामा भोला सिंह यह कांड फार्म हाउस में होने के बारे में पहले दी गई गवाही से मुकर चुके हैं। इस प्रकरण में अभी एक अन्य गवाह अजय कुमार की गवाही नहीं हो पाई, इसीलिए डोडा की जमानत एक बार फिर टाल दी गई है।
पीड़ित पक्ष की तरफ कोर्ट में पेश हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील नरिंद्र सिंह यादव, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव सुरिंद्र पाल सिंह तिन्ना ने फोन पर बताया कि अदालत ने इस प्रकरण के बारे में नवीनतम स्थिति की जानकारी देने के लिए पंजाब सरकार के वकील को 27 मार्च को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए तब तक के लिए जमानत पर फैसला स्थगित कर दिया है।
गौरतलब है कि भीम टांक की हत्या के आरोप में शिव लाल डोडा पहले फाजिल्का जेल में बंद था। विधानसभा चुनाव के दौरान अकाली नेताओं के साथ चुनाव की रणनीति बनाते हुए डीसी फाजिल्का ने पकड़ा था। उसके बाद उसे अमृतसर जेल में शिफ्ट कर दिया था। फिर डोडा ने विधानसभा चुनाव में लड़ने के लिए अदालत से आज्ञा मांगी थी और डोडा ने नामांकन पत्र भरे थे फिर उसे वापस लेने का प्रयास किया लेकिन ले नहीं सका था।