केंद्र सरकार द्वारा खाद्यानों की खरीद के लिए जारी धनराशि में से पंजाब सरकार की ओर से पिछले कई वर्षों से 21 हजार करोड़ रुपये का घोटाला करने से पंजाब की मार्केट कमेटियों के कर्मचारियों के लिए वेतन का संकट पैदा हो गया है। ऐसी ही स्थिति का सामना पंजाब भर के ट्रक आपरेटरों व आढ़तियों को भी करना पड़ रहा है।
यह पंजाब की आर्थिक स्थिति से जुड़ा हुआ मुद्दा है इससे प्रदेश का हर वर्ग प्रभावित हो रहा है। ये बातें पंजाब प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष व मुख्य प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने कहीं। जाखड़ ने कहा कि पिछले अरसे के दौरान जब भी आर्थिक सहयोग की जरूरत पड़ी तो प्रदेश सरकार मार्केट कमेटियों की मदद किया करती थी लेकिन अब मार्केट कमेटियों की आय को मारटगेज किए जाने से कमेटियों के अस्तित्व पर ही संकट की काली छाया मंडराने लगी है।
अबोहर की नई अनाज मंडी में आंदोलनरत कर्मचारियों की समस्याओं का अध्ययन करने पहुंचे जाखड़ ने अकाली-भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में चुनाव आते ही मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल आम जनता का ध्यान विभिन्न मुद्दों से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। कभी वे स्वच्छता अभियान का मुद्दा उठाते हैं तो सतलुज यमुना लिंक नहर का। सरकार भी बंद-इंतजामी की वजह से पंजाब सरकार दिवालियापन के कगार पर पहुंच गई है।
जाखड़ ने कहा कि चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री जनता को भरोसा देते थे कि मोदी सरकार के गठन पर नोटों के ट्रक भरकर पंजाब आया करेंगे लेकिन ट्रक आने तो दूर मोदी सरकार ने आते ही पिछला हिसाब मांग लिया। कैग ने पिछले साल अपनी रिपोर्ट में 21 हजार करोड़ रुपये की लेनदारियां पंजाब की ओर दर्शाई थी। वहीं 30 बैंकों ने पंजाब की ओर 27 हजार करोड़ रुपये की लेनदारियां दर्शाई हैं।