कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुनील जाखड़ और भाजपा के सेहत मंत्री सुरजीत ज्याणी के बीच धोखाधड़ी के केस में फंसे नीरज अरोड़ा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की जंग शुरू हो गई है।
जाखड़ का आरोप है कि ज्याणी नीरज को बचाने के लिए उससे अस्पताल में मिलने गए थे जबकि ज्याणी का कहना है कि जाखड़ अरोड़ा बिरादरी को मसलना चाहते हैं। रविवार को ज्याणी ने प्रेसवार्ता में कहा कि अबोहर से विधानसभा चुनाव में अरोड़ा बिरादरी के उम्मीदवारों ने सुनील जाखड़ को हर बार चुनौती दी है। अब सुनील जाखड़ को अरोड़ा बिरादरी से डर लगने लगा है। इसलिए जाखड़ चाहते हैं कि अरोड़ों को मसल दें और उनकी राजनीति चलती रहे।
नीरज की मदद के बारे में ज्याणी ने कहा कि जाखड़ इलजाम ज्यादा लगाते हैं और काम कम करते हैं। हर काम में राजनीति इनकी आदत बन चुकी है। वह अबोहर के सिविल अस्पताल के निरीक्षण के लिए गए थे। प्राइवेट वार्ड में घूमते हुए खुद अरोड़ा ने उन्हें रोककर अपनी व्यथा सुनाई। अरोड़ा ने खुलासा किया है कि गांव रामसरा में घटित भीम हत्याकांड में जाखड़ उनपर डोडा के खिलाफ गवाह बनने का दबाव बना रहे हैं।
उसके इंकार पर जाखड़ ने उसके खिलाफ चल रहे 14 में से पेंडिंग रहे चार मामलों में चंडीगढ़ जाकर प्रेस में बयान देकर प्रेशर बना उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवा उसे फंसाया है। उन्होंने बताया कि नीरज बार-बार उनसे जाखड़ से बचाने की गुहार लगा रहा था लेकिन उन्होंने नीरज की बजाय उससे पैसे लेने वालों के पक्ष में कार्रवाई शुरू करते हुए उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल के ध्यान में ये मामला लाया है ताकि लेनदारों को नीरज से मिलने वाले पैसे वापस मिल सकें। ज्याणी ने स्पष्ट किया कि उनकी नीरज व शिव लाल डोडा से कोई सहानुभूति नहीं है।
भीम टांक हत्याकांड की निंदा करते हुए सेहत मंत्री ने आरोप लगाया कि अबोहर के विधायक सुनील जाखड़ ने मौत पर भी राजनीति की और भीम हत्याकांड में जातिवाद को हवा दी है। जाखड़ को किसी से कोई सहानुभूति नहीं है वह सिर्फ आगामी विधान सभा चुनाव में अपने प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और उनकी बिरादरी पर चोट कर रहे हैं। लोग समझदार हैं और इस बार जाखड़ की जातिवाद की राजनीति को नकार देंगे।