प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष व मुख्य प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने कहा कि आने वाले विधानसभा सत्र में उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल के दावों की पोल खोली जाएंगी। पंजाब के सरकारी दफ्तरों में आम लोगों को अपने काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ती है।
जबकि उपमुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्होंने राज्य में गवर्नेंस रिफार्म को लागू कर दिया है तथा अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पडे़ंगे। गांव जंडवाला हनुमंता में जो सेवा केंद्र बनाया गया है उसकी इमारत तो खड़ी कर दी गई लेकिन आज तक उसका काम शुरू नहीं हुआ। जो सुविधा सेंटर बने हैं वे दुविधा सेंटर बन कर रह गए हैं।
जाखड़ ने बताया कि गांव जंडवाला हनुमंता का दौरा करने पर ग्रामीणों ने बताया कि यह जब से बना है एक दिन भी नहीं खोला गया। ये गांव से बाहर बना है। जाखड़ ने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान 18 मार्च को विधानसभा में बड़े-बड़े दावे करते हुए कहा था कि जुलाई के अंत तक पूरे पंजाब में सेवा केन्द्रों का काम शुरू हो जाएगा जिसमें लोगों को 200 सर्विस मिलेंगी।
ये भी कहा था कि लोगों को जिला उपायुक्तों के कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसी स्थिति में भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। जाखड़ ने बताया कि उपमुख्यमंत्री विधानसभा अथवा कोई मंच हो वहां बातें तो बड़ी-बड़ी करते हैं लेकिन उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने में कोई प्रयास नहीं करते। आज उपमंडल कार्यालयों में जो सुविधा सेंटर बने हैं वह दुविधा सेंटर बन कर रह गए हैं। वहां लोगों को काम करवाने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है। अकाली-भाजपा सरकार की लोग विरोधी नीतियों के कारण ही पंजाब में गरीबी लगातार बढ़ रही है।