जिले के गांव मचाकी मल्ल सिंह में 22 दिसंबर को कर्ज से परेशान होकर अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ राजस्थान नहर में कूदने वाले किसान जगजीत सिंह व उसके बेटे जगसीर सिंह के शव वीरवार को मुक्तसर के गांव थांदेवाला के पास से बरामद हो गए।
पुलिस ने दोनों के शवों का स्थानीय गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया और इसके बाद उनका गांव में सामूहिक रूप से संस्कार कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार किसान जगजीत सिंह (38) ने बीती 22 दिसंबर को अपने तीन बच्चों बेटी हरमनवीर कौर (11), जशनदीप कौर (9) व बेटे जगसीर सिंह (7) को साथ लेकर राजस्थान नहर में छलांग लगा दी थी।
वह अपनी माता गुरमेल कौर व तीनों बच्चों के साथ गांव मचाकी मल्ल सिंह में रहता था और करीब 3 एकड़ जमीन का मालिक था। साढ़े तीन साल पहले उसकी पत्नी सुखप्रीत कौर उसे छोडक़र चली गई थी और उसी समय से वह खुद ही अपने बच्चों का लालन पोषण कर रहा था।
परिवार की जिम्मेवारियों के बीच अपने सिर पर चढ़े सोसायटी व बैंकों के करीब 10 लाख रुपये के कर्ज से परेशान होकर वह तीनों बच्चों को साथ लेकर गांव के पास ही बहती राजस्थान नहर में कूद गया। घटना वाले दिन से किसान व बच्चों के शवों की तलाश की जा रही थी।
वीरवार दोपहर गांव थांदेवाला के पास पहले उसके बेटे जगसीर सिंह का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद अभी उसके अंतिम संस्कार की तैयारी ही चल रही थी कि इसी बीच जगजीत सिंह का भी शव नहर से मिलने की सूचना पहुंच गई।
इसके चलते जगसीर सिंह का संस्कार रोक दिया गया और देर शाम दोनों का ही एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। किसान जगजीत सिंह के तीनों बच्चों ही मेधावी थे और गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे। घटना वाले दिन ही उसके बच्चों का स्कूल में सम्मान किया जाना था।