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स्वास्थ्य सेवाएं ठप करके पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन

Fri, 22 Apr 2016 07:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
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फरीदकोट में डीसी दफ्तर के आगे रोष प्रदर्शन करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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सिविल अस्पताल के एक कर्मचारी की नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ करने के मामले में आरोपी युवक पर सख्त कार्रवाई न करने और मामले में एक दिन पहले आश्वासन के बावजूद उपमुख्यमंत्री से मुलाकात न करवाए जाने के विरोध में वीरवार को जिले भर के स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा।
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इस दौरान एसएसपी व डीसी दफ्तर के आगे प्रदर्शन भी किया गया और घटना में लापरवाही दिखाने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग रखी। इस मामले में डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

इससे पहले सिविल अस्पताल में आयोजित रोष रैली के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के सदस्यों डॉ. चंद्रशेखर कक्कड़, डॉ. संजीव सेठी, डॉ. मनजीत सिंह, सुनील सिंगला, गुलाब सिंह, सुखविंदर सिंह ने कहा कि उनके एक साथी की बेटी को पिछले कुछ दिनों से एक युवत तंग कर रहा था।
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पीड़ित पिता ने उसके खिलाफ थाना सदर कोटकपूरा में लिखित शिकायत दी। थाने में शिकायत होने की जानकारी मिलने पर आरोपी युवक सिविल अस्पताल में पहुंच गया और उलटा पीड़ित पिता को धमकाने लगा। स्वास्थ्य कर्मियों ने धमकी देने आए युवक को काबू करते हुए उसे थाना कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन पुलिस की तरफ से उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और मात्र शांति भंग करने का चालान काटकर एसडीएम की अदालत में पेश किया। वहां से उसे जमानत पर छोड़ दिया गया।

इस मामले को लेकर 21 अप्रैल को कर्मियों ने उपमुख्यमंत्री के आगे रोष प्रदर्शन करने का फैसला किया था लेकिन पुलिस प्रशासन ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने का भरोसा देते हुए उन्हें रोक दिया। जब वह उपमुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे तो एसपी (एच) बलबीर सिंह व डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह सिद्धू ने उनके प्रतिनिधिमंडल से बदसलूकी की।

प्रदर्शन के बाद एक्शन कमेटी ने डीसी मालविंदर सिंह जग्गी को ज्ञापन सौंपा। इस पर डीसी ने एसडीएम फरीदकोट को जांच के आदेश जारी कर दिए। इससे पहले स्वास्थ्य कर्मियों ने रोष मार्च भी निकाला और छह घंटे प्रदर्शन के बाद दोपहर करीब 2 बजे सेवाओं को बहाल किया। 
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