यूनाईटेड फोर्म ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर देश के सरकारी बैंकों में वेतन बढ़ोतरी करने की मांग को लेकर यूनियन की ओर से दो दिवसीय हड़ताल के फैसले के तहत दूसरे दिन मंगलवार को भी शहर और गांवों के सरकारी बैंक बंद रहे।
बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल के चलते बैंकों में लेन-देन करने वाले व्यापारियों और अन्य ग्राहकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं, शहर में विभिन्न जगह लगी एटीएम मशीनों के पास रुपये निकलवाने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही।
मिनी सचिवालय में स्थित एसबीआई ब्रांच के मैनेजर ओपी तनेजा ने बताया कि बैंक कर्मचारी गत लंबे समय से वेतन में बढ़ोतरी की मांग करते आ रहे है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2012 में केंद्र सरकार ने वेतन स्केल में मंजूरी दिए जाने का भरोसा दिया था, लेकिन आज करीब डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद कर्मचारियों के वेतन में किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जिसके चलते समूह बैंक कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर को बैंक कर्मचारियों की ओर से एक दिवसीय हड़ताल करने के बाद आज पूरे देश में करीब आठ लाख कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर चल रहे है। हड़ताल के कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सैट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स सहित अन्य बैंक बंद रहे। जबकि प्राईवेट बैंक आम दिनों की तरह ही खुले रहे।