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कपूरथला का एसटीपी चलाने के आदेश, तीन दिन में मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट

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एनजीटी की निगरान कमेटी के नवनियुक्त चेयरमैन जस्टिस सेवामुक्त जसबीर सिंह को संत सीचेवाल काली बेई - फोटो : KAPURTHALA
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की तरफ से पंजाब की नदियों और दरियाओं में प्रदूषण को रोकनो के लिए गठित निगरानी कमेटी के नए चेयरमैन सेवामुक्त जस्टिस जसबीर सिंह ने पवित्र काली बेईं का दौरा किया। इसमें गिर रहे गंदे पानी को रोकने के लिए पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) और संबंधित विभागों को हिदायतें की कि कपूरथला के पवित्र बेईं में गिर रहे गंदे पानी के बारे तीन दिनों में एक्शन टेकन रिपोर्ट दें।
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उन्होंने वातावरण प्रेमी पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मीटिंग की। संत सीचेवाल ने बताया कि कपूरथला का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लंबे समय से बंद पड़ा है। इससे शहर का सारा गंदा पानी पवित्र बेईं में गिर रहा है। गांव खेड़ा दोनां और सैदो भलाना की कलोनियों का पानी भी बेईं में गिर रहा है। जस्टिस जसबीर सिंह को एनजीटी ने 1 अक्टूबर को निगरानी कमेटी का नया प्रमुख लगाया है। इससे पहले इस कमेटी के चेयरमैन जस्टिस प्रीतम पाल थे।
जस्टिस जसबीर सिंह ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व आ रहा है और पवित्र बेईं वह नदी है, जहां से श्री गुरु नानक देव को डुबकी लगाने के बाद ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। उन्होंने बताया कि इस मामले में अगले सप्ताह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी मिलेंगे, जिनके पास वातावरण का विभाग भी है। वह मुख्यमंत्री पंजाब को प्रकाश पर्व से पहले बेईं में गिर रहे गंदे पानी को रोकने के लिए कहेंगे। उन्होंने बताया कि कपूरथला के ट्रीटमेंट प्लांट को चलाने के लिए डेढ़ करोड़ की जरूरत पड़ेगी।
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जस्टिस जसबीर सिंह ने डीसी से फोन पर बातचीत की और बेईं में गिर रहे गंदे पानी के बारे में 15 अक्तूबर तक मीटिंग करके एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजने के लिए कहा। उन्होंने यह हिदायतें भी की कि ट्रीट किया पानी खेती में प्रयोग लाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि प्रकाश पर्व से पहले वह दो बार और सुल्तानपुर लोधी आएंगे, जिससे पवित्र काली बेईं में गिर रहे गंदे पानी को रोकने के काम का जायजा ले सकें। उन्होंने कहा कि सतलुज दरिया की हालत भी बहुत बढ़िया नहीं है और इसमें बुड्ढे नाले का गिर रहा गंदा पानी चुनौती बना हुआ है। इसके रोने के लिए कारगर ढंग से काम किया जाएगा।
संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि वह लंबे समय से यह संघर्ष कर रहे हैं कि पवित्र काली बेईं में गिर रहे गंदे पानी को रोका जाए, क्योंकि इससे लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि बीते 10 सितंबर को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सुल्तानपुर लोधी आए थे, तब भी उनसे बेईं में 500 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग की थी, जिस पर अभी तक अमल नहीं हुआ है। इस मौके पर निगरानी कमेटी के सदस्य बाबूराम, पीपीसीबी के निगरान इंजीनियर हरबीर सिंह, सीवरेज बोर्ड और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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