सूत्रों के मुताबिक किसान जत्थेबंदियों ने खेलमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। गांव बाजेके में किसी व्यक्ति का जमीन का विवाद है। किसानों का आरोप है कि जिस आरोपी ने जमीन पर कब्जा किया है, उसे खेलमंत्री का समर्थन है। इसीलिए किसान जत्थेबंदी के सदस्य हर जगह खेलमंत्री और उनके बेटे के कार्यक्रम में घेराव कर रहे हैं।
हमला करने वाले नक्सली हैं, मेरा जमीन विवाद में जानबूझकर नाम घसीट रहे: खेल मंत्री
खेलमंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी का कहना है कि उन पर जानलेवा हमला हुआ है। ये लोग नक्सली हैं। इस संबंध में हाई अथॉरिटी को सूचित किया है। ऐसे लोगों को कानून कड़ी सजा देगा। सोढ़ी ने कहा कि गांव बाजेके में कंबोज बिरादरी के लोगों में जमीन का विवाद है। उसमें उनका कोई लेना देना नहीं है। उनका नाम जानबूझकर इसमें घसीटा जा रहा है। वह किसी भी व्यक्ति का समर्थन नहीं कर रहे हैं। दोनों पार्टियों के केस अदालत में हैं, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस उनके बेटे पर और उन पर जानलेवा हमला करने वालों की तलाश कर रही है।