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पंजाब में डीडीआर व पुलिस दस्तावेजों पर कब से वसूला जा रहा है शुल्क : हाईकोर्ट

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शुल्क को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने याची पक्ष से मांगा जवाब
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डीडीआर व अन्य दस्तावेजों की प्रतियां देना संप्रभु कर्तव्य है या नहीं, तय करेगा कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में बुधवार को पुलिस सेवाओं पर लगाए जा रहे शुल्क के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर याची पक्ष से पूछा कि आखिर डीडीआर और अन्य दस्तावेजों की प्रतियां देना सरकार का संप्रभु कर्तव्य है या नहीं। साथ ही याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे अगली सुनवाई पर यह स्पष्ट करें कि यह शुल्क कब से वसूला जा रहा है और संबंधित पॉलिसी को रिकॉर्ड पर लाएं।

यह जनहित याचिका काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन वासु रंजन शांडिल्य और नेशनल कोऑर्डिनेटर अभिषेक मल्होत्रा ने दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि पंजाब सरकार द्वारा विभिन्न पुलिस सेवाओं पर शुल्क लिया जा रहा है। इनमें गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराने पर 100, मोबाइल गुम होने की रिपोर्ट पर 100, सड़क दुर्घटना मामलों में अनट्रेस रिपोर्ट की प्रति के लिए 150 और चोरी के मामलों में अनट्रेस रिपोर्ट की प्रति के लिए 150 रुपये लिए जाते हैं। इसके साथ ही एक्शन टेकन रिपोर्ट की प्रति के लिए 80 रुपये लेने का प्रावधान है।
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याचिका में कहा गया कि यह वसूली आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालती है। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि गुमशुदगी, चोरी या दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में लोग पहले ही मानसिक और आर्थिक परेशानी में होते हैं। ऐसे में उनसे रिपोर्ट दर्ज कराने या उसकी प्रति लेने के लिए शुल्क लेना न केवल अनुचित बल्कि असांविधानिक भी है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित नोटिफिकेशन पंजाब सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है।
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