उत्तर प्रदेश में हुए हाथरस कांड और पंजाब के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले के विरोध में संत समाज और विभिन्न अनुसूचित जाति के संगठनों ने शनिवार को होशियारपुर शहर को पूरी तरह बंद रखा। इसका असर आसपास के इलाकों में भी दिखा। होशियारपुर के मुख्य बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। शहर में प्रवेश करने वाली सड़कों पर विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने अनुसूचित जाति के संगठनों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया।
होशियारपुर में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक यानी दो घंटे यातायात पूरी तरह से बंद रहा, जिससे राहगीरों को काफी असुविधा हुई। इस दौरान शहर में विरोध मार्च भी निकाला गया। भंगी पुल चौक और नालियन चौक पर विरोध प्रदर्शन के दौरान केंद्र और यूपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वहीं वक्ताओं ने छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर साधु सिंह धर्मसोत के खिलाफ नारेबाजी की। उधर, दसूहा में विभिन्न संस्थाओं ने हाथरस कांड के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए बंद किया।
सांपला के विरोध में लगे नारे
पूर्व राज्यमंत्री और पूर्व पंजाब भाजपा अध्यक्ष विजय सांपला को नलोइयां चौक पर विभिन्न संगठनों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। चौक पर अपनी ओर से लगाए एक पंडाल में सांपला और उनके समर्थक पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले पर विरोध जता रहे थे। उधर, दूसरी ओर अल्पसंख्यक समुदायों और अनुसूचित जाति के संगठनों के सहयोग से गठित संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने विजय सांपला के पंडाल से कुछ दूरी पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान जब भाजपा के कुछ लोगों ने अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप घोटाले को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के विरोध में नारे लगाए तो प्रदर्शनकारी भड़क उठे और उन्होंने आरएसएस, भाजपा, मोदी, योगी के खिलाफ नारेबाजी की। यही नहीं सांपला के खिलाफ भी नारे लगाए।