भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बार्डर स्थित शहीदी स्मारक पर 23 मार्च को लगने वाला शहीदी मेला कोरोना वायरस के चलते रद्द किया गया। डिप्टी कमिश्नर कुलवंत सिंह ने सुबह शहीदी स्मारक पहुंच शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की समाधि पर फूल मालाएं अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। किसी भी व्यक्ति को शहीदी स्मारक पर जाने की अनुमति नहीं थी, जिस कारण शहीदी स्मारक पर सन्नाटा छाया रहा।
कोरोना वायरस के चलते सुबह से ही छावनी व शहर के बाजार बंद थे और सड़कें सुनसान थी।
शहीदी दिवस वाले दिन सीमांत गांव मधरे से ही लोगों की भीड़ दिखना शुरू होने के अलावा जगह-जगह पर खानपान की दुकानें, लंगर व शहीदों पर कोरियोग्राफी के लिए पंडाल लगे होते थे, लेकिन कोरोना वायरस के चलते गांव मधरे से लेकर शहीदी स्मारक तक के रास्ते पर सन्नाटा छाया हुआ था। कोई भी व्यक्ति सड़क पर नजर नहीं आ रहा था। कुछेक लोग सुबह-सुबह शहीदी स्मारक पहुंचे भी थे, जिन्हें पुलिस और सेना के जवानों ने लौटा दिया था।
इसके अलावा दोपहर बाद कर्फ्यू लगने पर जो दुकानें खुली भी थी उन्हें भी बंद करवा दिया गया। पुलिस किसी भी व्यक्ति को सावर्जनिक जगहों पर खड़ा नहीं होने दे रही थी। कई जगहों पर दूध डेयरी बंद होने के कारण कई लोगों को अपने बच्चों के लिए दूध तक नहीं मिला है। क्योंकि कई दोधी विभिन्न गांवों से दूध एकत्र कर शहर पहुंचते हैं, जो दूध लेकर शहर पहुंचे ही नहीं है। दुकानें बंद होने के कारण लोग सब्जी लेने के लिए इधर-उधर भटकते रहे।