कनाडा ने 10 सितंबर से सात साल पुरानी अस्थायी सार्वजनिक इमिग्रेशन नीति खत्म कर दी है। इसके साथ ही स्थायी निवासी (पीआर) बनने के बाद आवेदन में अघोषित जीवनसाथी, कॉमन-लॉ पार्टनर या आश्रित बच्चों को बाद में स्पॉन्सर करने की विशेष सुविधा बंद हो गई है।
इसका सीधा असर उन प्रवासी परिवारों पर पड़ेगा, जो इस नीति के तहत बाद में अपने अघोषित परिजनों को कनाडा बुलाने की योजना बना रहे थे।
पंजाब के लिए यह बदलाव खासा अहम है। बड़ी संख्या में पंजाबी युवा अकेले कनाडा जाते हैं और पीआर मिलने के बाद परिवार को अपने साथ जोड़ने की योजना बनाते हैं। पुरानी नीति कुछ विशेष श्रेणियों के पीआर धारकों को बाद में अघोषित परिवार सदस्यों को स्पॉन्सर करने का अवसर देती थी। अब 10 सितंबर 2026 के बाद आने वाले नए मामलों में यह विशेष रास्ता उपलब्ध नहीं होगा।
यह सुविधा सभी पीआर धारकों के लिए नहीं थी। मुख्य रूप से रिफ्यूजी, रिसेटलमेंट कार्यक्रम या असाइलम के जरिये पीआर हासिल करने वाले लोग इसके दायरे में आते थे। फैमिली क्लास के तहत कनाडा पहुंचे लोग भी पात्र हो सकते थे। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर विवाह या कॉमन-लॉ संबंध की जानकारी छिपाई थी, तो उसे इस नीति के तहत स्पॉन्सरशिप की अनुमति नहीं थी।
अब शुरुआत से सही जानकारी देना जरूरी
इमिग्रेशन विशेषज्ञ पूजा सचदेवा के मुताबिक, कनाडा की इमिग्रेशन प्रक्रिया में वैवाहिक और पारिवारिक स्थिति से जुड़ी जानकारी छिपाने से बचना चाहिए। विशेष नीति के कारण कुछ मामलों में बाद में परिवार को जोड़ने का रास्ता उपलब्ध था, लेकिन अब यह राहत समाप्त हो गई है। कनाडा में पीआर के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को शुरुआत से ही अपने विवाह, कॉमन-लॉ संबंध और बच्चों की पूरी जानकारी देनी होगी।
10 सितंबर तक के पात्र आवेदन पुरानी नीति में
10 सितंबर 2026 तक जमा किए गए पात्र आवेदन पुरानी नीति के तहत देखे जाएंगे। इसके बाद जमा होने वाले नए मामलों पर समाप्त हो चुकी नीति का लाभ नहीं मिलेगा।
नीति खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि कनाडा ने सामान्य फैमिली स्पॉन्सरशिप बंद कर दी है। सामान्य फैमिली क्लास के तहत स्पॉन्सरशिप के नियम और पात्रता शर्तें अलग हैं और लागू हैं। बदलाव केवल उन अघोषित परिवार सदस्यों को बाद में स्पॉन्सर करने वाली विशेष सार्वजनिक नीति से संबंधित है।