ग्रामीण इलाकों में हालात और भी खराब
फतेह जलाल प्राइमरी स्कूल में प्री-प्राइमरी से पांचवीं तक कुल 94 बच्चों में से सिर्फ 15-20 बच्चे ही स्कूल पहुंचे, जबकि प्री-प्राइमरी की कक्षाएं पूरी तरह खाली रहीं। मिडल स्कूल फतेह जलाल में 37 में से सिर्फ 20 बच्चे आए, जिन्हें शिक्षक घर जाकर लेकर आए। ब्लॉक करतारपुर के प्राइमरी स्कूल ब्रह्मपुर में 51 में से केवल 15 बच्चे उपस्थित रहे, जबकि प्री-प्राइमरी के 18 में से महज 5 बच्चे आए। प्राइमरी स्कूल पत्तड़ कलां में 150 में से सिर्फ 25-26 बच्चे पहुंचे और दोपहर 12:30 बजे तक अभिभावक ठंड का हवाला देकर बच्चों को घर ले गए। यहां प्री-प्राइमरी के अधिकांश बच्चों को अभिभावकों ने स्कूल भेजा ही नहीं।
पंजाब में स्कूलों की छुट्टियां खत्म।
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शिक्षकों की चिंता: सिलेबस और परीक्षाएं प्रभावित
शिक्षकों का कहना है कि अगर छुट्टियां और बढ़ाई गईं तो पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होगी। 17 जनवरी से प्री-एग्जाम शुरू होने हैं और 22 जनवरी से प्री-प्राइमरी के पेपर तय हैं। ऐसे में सिलेबस पूरा करना चुनौती बन गया है। ऑनलाइन पढ़ाई भी पूरी तरह संभव नहीं है, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में अधिकतर बच्चों के पास मोबाइल या इंटरनेट की सुविधा नहीं है।
ठंड और कोहरे की वजह से स्कूल कम पहुंचे छात्र।
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छुट्टियां बढ़ाने या टाइमिंग बदलने की मांग
अभिभावकों और शिक्षकों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। अभिभावक जहां छुट्टियां बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, वहीं शिक्षक स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव को बेहतर समाधान बता रहे हैं। उनका कहना है कि सुबह के समय कोहरा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए समय आगे बढ़ाया जाए तो बच्चों की सुरक्षा भी बनी रहेगी और पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। फिलहाल कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच बच्चों की सुरक्षा बनाम पढ़ाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और सभी की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।