जालंधर नगर निगम कर्मियों की हड़ताल ने शहर की व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी है। मुलाजिमों ने निगम मुख्यालय के गेट पर ताला लगा दिया और जमकर हंगामा किया, जिससे पूरा कामकाज ठप हो गया।
जालंधर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। क्योंकि नगर निगम के सफाई कर्मियों काम छोड़कर हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को मुलाजिमों ने निगम मुख्यालय के गेट पर ताला लगा दिया और जमकर हंगामा किया, जिससे पूरा कामकाज ठप हो गया। यहां तक कि कर्मचारियों ने कूड़ा उठाने के लिए वाहनों को भी खड़ा कर दिया है।
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सफाई कर्मचारी यूनियन का कहना है कि सरकार ने चुनाव के दौरान 1132 सफाई कर्मचारियों की भर्ती का वादा किया था, लेकिन इसे अब तक पूरा नहीं किया गया। कई बार सरकार से बात करने की कोशिश के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर टाल दिया जाता रहा। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, मेयर वनीत धीर और कमिश्नर संदीप ऋषि की कई बैठकें भी बेनतीजा रहीं।
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हड़ताल के चलते शहर के कई इलाकों में कूड़ा लिफ्टिंग पूरी तरह ठप पड़ी है। यूनियन प्रधान मट्टू ने कहा कि लगता है सरकार चाहती हैं कि धरने-प्रदर्शन होते रहें और जनता परेशान हो। मेयर से कई बार बातचीत होने के बावजूद समाधान अब तक नहीं निकला।
हड़ताल पर डटे मुलाजिमों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, सफाई कार्य बंद रहेगा। निगम दफ्तर में कुछ अधिकारी मौजूद हैं, लेकिन कई को अंदर घुसने तक नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि उनकी मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।