गोलीकांड में जान गंवाने वाले दोनों नौजवानों को दी श्रद्धांजलि
8 साल बीतने पर भी इंसाफ न मिलने पर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदकोट। साल 2015 के बहिबल कलां गोलीकांड में जान गंवाने वाले भाई किशन भगवान सिंह व गुरजीत सिंह सरावां की 8वीं बरसी के मौके पर शनिवार को बहिबल कलां के गुरुद्वारा टिब्बी साहिब में पंथक संगठनों व बेअदबी इंसाफ मोर्चे ने समागम का आयोजन किया। इस मौके पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान को बहाल रखने के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले दोनों सिख नौजवानों को श्रद्धांजलि दी गई और 8 साल बीतने के बावजूद इंसाफ न दिए जाने पर समय की सरकारों के प्रति रोष जताया।
इस मौके पर अकाली दल अमृतसर के प्रधान व सांसद सिमरनजीत सिंह मान, सिख प्रचारक हरजिंदर सिंह मांझी., इंसाफ मोर्चे के नेता व गोलीकांड पीड़ित परिवार सदस्य सुखराज सिंह ने कहा कि बरगाड़ी बेअदबी मामले समेत बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाओं को 8 साल बीत चुके हैं लेकिन अभी तक संगत को इंसाफ नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को हर राजनीतिक पार्टी ने वोटर बटोरने के लिए इस्तेमाल किया। वर्तमान सरकार भी सत्ता में आने से पहले दावे करती रही लेकिन डेढ़ साल का कार्यकाल बीतने पर भी संगत को इंसाफ नहीं दिला पाई।
इस मौके पर सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन ने 25 दिसंबर को कोटकपूरा के मुख्य चौक में शहीदों को समर्पित यादगार स्थापित करने का एलान किया। उधर, गांव सरांवा में गुरजीत सिंह के आवास पर भी बरसी के मौके पर पाठ के भोग डाले गए और कोटकपूरा के मुख्य चौक में भी सिख संगठनों ने अरदास दिवस मनाया।
फोटो 14एफआरडी 2 - फरीदकोट के बहिबल कलां में आयोजित बरसी समारोह में विचार रखते पंथक नेता।