ईडी ने रॉयल एस्टेट ग्रुप के प्रमोटर प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत चल रही जांच के तहत गिरफ्तार किया गया है।
ईडी अब रॉयल एस्टेट ग्रुप और उससे जुड़ी कंपनियों के 18 बैंक खातों की 286 संदिग्ध एंट्री की जांच कर रही है। एजेंसी को आशंका है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम को अलग-अलग खातों और संपत्तियों में ट्रांसफर कर मनी ट्रेल छिपाने की कोशिश की गई।
सूत्रों के मुताबिक कई ऐसे वित्तीय लेनदेन सामने आए हैं, जिनमें रकम को दूसरी कंपनियों और प्रोजेक्ट्स में खपाने के संकेत मिले हैं। जांच अब केवल वित्तीय लेनदेन तक सीमित नहीं रही। ईडी ने गमाडा से पिछले पांच वर्षों में जारी सभी चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) मामलों का रिकॉर्ड भी तलब कर लिया है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि किन परियोजनाओं को नियमों को दरकिनार कर मंजूरी दी गई और इससे सरकार को कितना वित्तीय नुकसान हुआ।
ईडी की मौजूदा जांच रॉयल एस्टेट ग्रुप के अलावा सनटेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े मामलों तक पहुंच चुकी है। आरोप हैं कि कुछ परियोजनाओं में फर्जी दस्तावेजों और कथित गलत सहमति पत्रों के आधार पर सीएलयू हासिल किए गए। हाल ही में ईडी ने कई ठिकानों पर छापे के दौरान नकदी, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड भी बरामद किए थे। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में कई और बड़े बिल्डरों, हाउसिंग ग्रुप्स और उनसे जुड़े लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।