संजय लीला भंसाली की फिल्म रामलीला के शुक्रवार को रिलीज होने के साथ ही जालंधर का माहौल गर्मा गया। हिंदू संगठनों ने पहले सिनेमा घरों में जाकर फिर पुलिस कमिश्नर राम सिंह के कार्यालय के बाहर हंगामा किया।
हिंदू संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने सिनेमा घरों व मॉल्स को नुकसान पहुंचाने की धमकी सरेआम पुलिस अधिकारियों को दी। इसके बाद जहां पुलिस ने भी अपने तेवर तीखे कर लिए और वहीं भाजपा के स्टेट कल्चर सेल के प्रधान किशन लाल शर्मा ने नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम करने की घोेषणा कर दी।
वे साथियों को लेकर एनएच जाम करने के लिए पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों की टीम ने उनको हिरासत में ले लिया। दिन भर शहर में तनावपूर्ण स्थिति रही। मॉल्स के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है।
हिंदू संगठनों का रोष उस समय कम हुआ जब एडीसीपी नरेश डोगरा व उनकी टीम ने घोषणा की कि जिस गीत को लेकर विवाद हो रहा है, उसको हटवा दिया गया है। सिनेमाघरों की तरफ से आश्वासन दिया गया है कि फिल्म के पोस्टर से राम लीला नामक फिल्म के शीर्ष से राम शब्द को हटा दिया जाएगा।
सुबह ही शिव सेना, हिंदू जागृति मंच, हिंद क्रांति दल, आजाद क्रांतिदल, ब्राह्मण कल्याण परिषद, आदर्श सोशल वेलफेयर सोसायटी व अन्य हिंदू संगठनों एक रोष मार्च निकाला। सिनेमाघरों में फिल्म आरंभ हो गई तो संगठनों ने सिनेमाघरों में पहुंच फिल्म को रुकवाना शुरू कर दिया।
पीवीआर में हिंदू संगठन एक साथ पहुंचे और चल रहे शो में से दर्शकों को उठा दिया। शिव सेना नेता आशीष अरोड़ा, भाजपा कल्चर सेल के प्रधान किशन लाल शर्मा, हिंद क्रांति दल के अध्यक्ष मनोज नन्ना, संजीव शर्मा, अजय गिल, जतेंद्र सहदेव, मुनीष अरोड़ा, गौरव लुथरा, मंदीप बख्शी आदि अपने साथियों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जहां कमिश्नर राम सिंह से उनकी लंबी बातचीत हुई।
गिरफ्तारी की बात से भड़के नेता
किशन लाल शर्मा, मनोज नन्हा व उनके साथी पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर आए गए और पंजाब पुलिस के खिलाफ नारे लगाने लगे। एडीसीपी नरेश डोगरा ने भी चेतावनी दी कि अगर किसी ने कानून हाथ में लेने की कोशिश की तो सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के अल्फाज से मामला भड़क गया और हिंदू संगठनों के नेता नारेबाजी करने लगे।
एडीसीपी ने सिनेमाघरों को मनाया
आखिरकार शिव सेना, हिंद क्रांति दल इस बात पर सहमत हो गए कि फिल्म में से विवादित गीत को बंद कर दिया जाए और जो पोस्टर फिल्म के लगे हैं, उनमें लिखे राम शब्द को मिटा दिया जाए। एडीसीपी नरेश डोगरा ने जालंधर के तीनों सिनेमाघरों में खुद बात की और अपने बलबूते पर उनको इस बात के लिए मना लिया।
भाजपा सांस्कृतिक सेल के प्रधान किशन लाल शर्मा व उनके साथी इस बात पर अड़ गए कि पीएपी चौक पर जाकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया जाएगा। वे घोषणा कर अपने साथियों के साथ निकल गए और पीएपी चौक पर पहुंचकर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। डीसीपी जसप्रीत सिद्धू, एडीसीपी लखविंदर खैहरा, एडीसीपी नरेश डोगरा भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और किशन लाल शर्मा व उनके साथियों को हिरासत में ले लिया और डिवीजन नंबर सात ले गए। जहां कुछ समय बाद किशन लाल व उनके साथियों को रिहा कर दिया गया। पुलिस ने रोचनामचे में रपट दर्ज कर ली है।
सिनेमाघरों के बाहर पुलिस तैनात
पुलिस उन सिनेमाघरों के बाहर भारी बल तैनात कर दिया है जहां पर राम लीला फिल्म रिलीज हो चुकी है। भाजपा के प्रदेश कल्चर सेल के प्रधान किशन लाल शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस माहौल बिगाड़ रही है। वे तो अपने साथियों के साथ इंसाफ के लिए गए थे और पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की धमकी देकर खुद माहौल को बिगाड़ दिया। राम लीला फिल्म को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।