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Jalandhar: ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ के पंजाबी अनुवाद का लोकार्पण, शिक्षा में समाज की भागीदारी पर जोर

Tue, 10 Mar 2026 02:47 PM IST
Ankesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर

सार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर सिंह ने कहा कि समाज के सभी वर्गों तक शिक्षा पहुंचाने का कार्य केवल सरकार का नहीं है, बल्कि समाज के हर सजग व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस कर्मयज्ञ में योगदान देना चाहिए।
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चंडीगढ़ में आयोजित प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी कार्यक्रम। - फोटो : संवाद
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर सिंह ने कहा कि समाज के सभी वर्गों तक शिक्षा पहुंचाने का कार्य केवल सरकार का नहीं है, बल्कि समाज के हर सजग व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस कर्मयज्ञ में योगदान देना चाहिए। जीवन में मनुष्यता के संस्कार भरना, कर्तव्य और अकर्तव्य का विवेक सिखाना, साहस और धैर्य के साथ जीवन का सामना करने की शक्ति देना जैसे मूल संस्कार परिवार से ही मिलते हैं।

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वह केशव निवास, चंडीगढ़ में आयोजित प्रबुद्ध नागरिक गोष्ठी में बोल रहे थे। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत द्वारा शिक्षा विषय पर विभिन्न स्थानों पर रखे गए विचारों के संकलन ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ के पंजाबी अनुवाद का लोकार्पण किया गया।

बनवीर सिंह ने कहा कि नई और पुरानी पीढ़ी के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। इसी संवाद के माध्यम से समाज के प्रति दायित्व बोध, व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र के सद्गुण, मूल्य श्रद्धा, श्रम के प्रति सम्मान और बुराइयों के आकर्षण से दूर रहने की प्रवृत्ति विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से ही इन मूल्यों का निर्माण संभव है। शिक्षा केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं होती, बल्कि घर-परिवार में माता-पिता और वरिष्ठजनों की कथनी और करनी से भी संस्कारों से युक्त मनुष्यता, करुणा और सहसंवेदना की सीख मिलती है। शिक्षा के माध्यम से समाज की अगली पीढ़ी के जीवन निर्माण में धर्म का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
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उन्होंने मातृभाषा के प्रति स्वाभिमान जगाने वाली शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी शिक्षा होनी चाहिए जो अपने धर्म, संस्कृति, समाज, भूमि, जल, जंगल, जमीन और पशु-पक्षियों के प्रति आत्मीयता का भाव उत्पन्न करे। ऐसी शिक्षा समाज में आत्मीयता के धागे से पूरी दुनिया को जोड़ने की क्षमता पैदा करती है और स्वाभिमान को बढ़ाने का कार्य करती है। संपर्क विभाग विद्या भारती पंजाब के सौजन्य से रवि कुमार द्वारा संकलित पुस्तक ‘भारतीय शिक्षा दृष्टि’ का पंजाबी अनुवाद प्रकाशित किया गया है। कार्यक्रम में बनवीर सिंह मुख्य वक्ता रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ध्रुव कन्या शुक्ला ने की। विद्या भारती के उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री विजय नड्डा ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी। इस अवसर पर विद्या भारती के पंजाब प्रांत संगठन मंत्री राजेंद्र, संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख अजय, चंडीगढ़ विभाग कार्यवाह एडवोकेट बलजिन्दर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्या भारती संपर्क विभाग के सदस्य रमेश अरोड़ा, परवीन गुप्ता, मनीष शर्मा और करमजीत परमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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