पंजाब निकाय चुनाव 2026 के नतीजों ने साफ कर दिया है कि राज्य की राजनीति अब स्थानीय चेहरों, क्षेत्रीय प्रभाव और संगठनात्मक ताकत के इर्द-गिर्द घूम रही है।
सबसे बड़ी जीत मुख्यमंत्री भगवंत मान के हलके धूरी में देखने को मिली। धूरी नगर कौंसिल की 21 में से 19 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने जीत दर्ज की। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल खाता भी नहीं खोल सके। इसी तरह आप के प्रदेश प्रधान और मंत्री अमन अरोड़ा के गृहक्षेत्र सुनाम में पार्टी ने 23 में से 19 सीटें जीत लीं। भाजपा को केवल एक सीट मिली जबकि तीन सीटें निर्दलियों के खाते में गईं।
दूसरी ओर कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के लिए गिद्दड़बाहा का परिणाम बड़ा झटका साबित हुआ। यहां नगर कौंसिल की 19 में से 17 सीटें आम आदमी पार्टी ने जीत लीं। कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन दिखाता है कि राजा वड़िंग अपने क्षेत्र में संगठन को मजबूत रखने में सफल नहीं रहे। यहां आप विधायक डिंपी ढिल्लों का प्रभाव साफ दिखाई दिया।
हालांकि कांग्रेस के लिए राहत की खबर चमकौर साहिब से आई। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के क्षेत्र में कांग्रेस ने 13 में से 11 सीटें जीतकर अपना जनाधार कायम रखा। वहीं कपूरथला नगर निगम में कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह ने पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिलाया। 50 वार्डों में कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं जबकि आप को 12 सीटें मिलीं। भाजपा और अकाली दल को तीन-तीन सीटों से संतोष करना पड़ा।
बटाला में आप उपप्रधान अमनशेर सिंह शेरी कलसी के क्षेत्र में पार्टी ने 26 घोषित सीटों में से 16 सीटें जीतकर बढ़त बनाई। कांग्रेस को आठ और भाजपा को दो सीटें मिलीं।
अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के क्षेत्र मजीठा में मुकाबला कांटे का रहा। 13 वार्डों में आप ने सात और अकाली दल ने छह सीटें जीतीं। वहीं भाजपा नेता अश्विनी शर्मा बहुमत से दो सीट पीछे रह गए। दूसरी ओर दसूहा में भाजपा के बड़े चेहरों के बावजूद आम आदमी पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया।