फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में छोटे दुकानदारों का शोषण बंद करें सरकार : ओंकार गोयल

Sun, 29 May 2016 06:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कोटकपूरा (फरीदकोट)
विज्ञापन
कोटकपूरा के डेरा बाबा दरिया गिरी में करियाना एसोसिएशन की प्रांतीय कांफ्रेंस में मंच पर उपस्थित प्रांतीय प्रधान ओंकार गोयल व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पंजाब करियाना रिटेलर्स एसोसिएशन की तरफ से रविवार को डेरा बाबा दरिया गिरी में रिटेलर्स दुकानदारों की समस्याओं को लेकर प्रदेश स्तरीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र व राज्य सरकार के खुदरा दुकानदारों को लेकर नीतियों की सख्त शब्दों में निंदा की गई। साथ ही बड़े कारोबारियों को फायदा पहुंचने के नाम पर छोटे दुकानदारों के शोषण को तुरंत प्रभाव से बंद करने की मांग की गई।
विज्ञापन


राज्य के सभी जिलों से पहुंचे दुकानदारों को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया रिटेलर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रधान और करियाना एसोसिएसन के प्रांतीय प्रधान ओंकार गोयल ने कहा कि बड़ी कंपनियों, मॉल व सुपर बाजार ने अब मेट्रो सिटी से अपना रुख छोटे कस्बों की तरफ कर लिया है। इससे ना सिर्फ छोटे करियाना दुकानदारों का काम ठप हो रहा है बल्कि ग्राहकों को गिफ्ट के लालच देकर लूटा जा रहा है।

इससे छोटे दुकानदार प्रभावित हो रहे हैं। टैक्स नीति से भी छोटे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। पंजाब में चीनी पर 11 प्रतिशत टैक्स थोपा गया है जिससे चीनी पांच रुपये प्रति किलो महंगी बिक रही है और राज्य के सरहदी जिलों में कारोबार ठप हो चुका है। इसी तरह पंजाब में ब्रांडेड व नॉन ब्रांडेड उत्पाद पर क्रमवार 15.95 व 6.875 प्रतिशत टैक्स लिया जा रहा है जिससे ग्राहक भी प्रभावित होता है।
विज्ञापन


मौके पर एसोसिएशन के प्रांतीय नेता राजिंदर सिंह जोश, हरप्रीतजीत सिंह कंग, पवन बांसल, सुरिंदर काठपाल, सुरेश कुमार कुलेचा, बूटा राम अमृतसर, वेद प्रकाश कक्कड़, सुरेश नंदगढ़िया, तरसेम घग्गा, लक्की घग्गा, अशोक जिंदल, मनोहर सिंह कालड़ा, कृष्ण सिंगला, बलदेव सिंह मक्कड़, सुरिंदर गोयल, नंद लाल मौजूद थे।

कांफ्रेंस के दौरान प्रस्ताव पारित करके नकली व मिलावटी उत्पादनों को सख्ती से रोकने, टैक्स की नीति को सरल बनाने, छिपे हुए टैक्स वापस लेने, तंबाकू को लेकर नीति स्पष्ट करके छोटे दुकानदारों को तंग न करने, फूड सेफ्टी एक्ट के तहत छोटे दुकानदारों का सिर्फ रजिस्ट्रेशन ही करने, एफएसएसएआई का लाइसेंस हर साल की जगह एक बार ही जारी करने, वस्तुओं की गुणवत्ता जांचने के लिए जिला स्तर पर लैब बनाने समेत अन्य मांगों को रखा गया। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें