राइट-टु-सर्विस (आरटीएस) कमीशन पंजाब के चीफ कमिश्नर पूर्व आईएएस एससी अग्रवाल ने बुधवार को आरटीएस के तहत आने वाली स्कीमों की जांच के लिए विभिन्न विभागों का दौरा किया।
इस दौरान जहां उन्होंने सीधे रूप में लोगों से बात की वहीं, अधिकारियों की क्लास भी लगाई। एससी अग्रवाल ने कहा कि आरटीएस के तहत विभिन्न सुविधाएं मुहैया करवाने का मकसद लोगों को विशेष सहूलतें प्रदान करना था। इसके बावजूद लोगों को इन स्कीमों का लाभ नहीं मिल रहा है तो वे सीधे रूप में आरटीएस के पास शिकायत करें।
अगर लोग शिकायत नहीं करेंगे तो उन्हें कैसे पता चलेगा कि अधिकारी लोगों को समय पर सुविधाएं मुहैया करवा रहे हैं कि नहीं? अभी तक पूरे पंजाब से 1487291 शिकायतें आई हैं, जिसमें से 1482219 का निपटारा कर दिया गया है। इस दौरान अग्रवाल ने डीटीओ आफिस, नगर निगम, डीसी आफिस, सुविधा सेंटर सहित उन सात विभागों में दबिश दी, जिन्हें आरटीएस के साथ जोड़ा गया है।
जैसे ही एससी अग्रवाल डीटीओ आफिस पहुंचे वहां अफरातफरी मच गई। डीटीओ आफिस में कुर्सियों पर बैठे कारिंदे गायब हो गए। अग्रवाल ने सीधे रूप में लोगों से बात की। लाइसेंस बनाने के लिए आए रंजीत कुमार ने कर्मचारियों पर भ्रष्टाचारी का आरोप लगाते हुए एजेंटों के रास्ते काम पूरा होने का आरोप लगाया। यही नहीं लोगों का कहना था कि उन्होंने लाइसेंस बनाने के लिए फोटो करवा दी है लेकिन अभी तक उन्हें लाइसेंस नहीं मिल पाए हैं।
डीटीओ केहर सिंह ने बताया कि लंबे समय से अधिकारी की कुर्सी खाली होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। अग्रवाल ने लोगों की परेशानियों को तुरंत दूर करने के आदेश सुनाते हुए जमकर डीटीओ आफिस के कर्मचारियों की क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि दिसंबर के अंत में वे फिर आएंगे, इसके बाद अगर उन्हें शिकायत मिली तो इसका खामियाजा उन्हें (डीटीओ) करना होगा।
नगर निगम कमिश्नर की क्लास लगाई
नगर निगम में भी अग्रवाल ने लोगों के काम अधूरे कार्यों को लेकर कमिश्नर मनप्रीत सिंह छत्तवाल की क्लास लगाई। डीसी कांप्लेक्स में सुविधा सेंटर का निरीक्षण करने पहुंचे अग्रवाल ने लोगों के साथ बातचीत करने के बाद वहां तैनात कर्मचारियों से भी वार्तालाप किया। उन्होंने कर्मचारियों से आरटीएस स्कीम के तहत दी जाने वाली सुविधाओं के समय संबंधी जानकारी मांगी।
कर्मचारी अग्रवाल को आरटीएस के तहत आने वाली सुविधाओं का सही समय न बता पाए। इसके बाद अग्रवाल ने लोगों से बात की। उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में 7 विभागों को इस सुविधा के साथ जोड़ने के बाद 18 विभाग इस स्कीम से जुड़ चुके हैं। इस योजना के तहत 149 सर्विस को जोड़ा जा चुका है। इस दौरान उनके साथ जिलाधीश वरुण रूजम, एडीसी संजीव कुमार, प्रीतम सिंह तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।
तेरह केस में सत्रह कर्मचारियों को जुर्माना
जालंधर। राइट-टु-सर्विस एक्ट संबंधी जानकारी देते हुए एससी अग्रवाल ने बताया कि अभी तक दूसरी एप्लीएट अथारिटी में पहुंचे 13 केस में से 17 अधिकारियों को जुर्माना हो चुका है। अगर कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी इन सुविधाओं को सही ढंग से लागू नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।