कांग्रेसी नेताओं ने घटिया सामग्री का आरोप लगाते हुए मंगलवार को काला संघियां सड़क का काम बीच में ही रोक दिया। सोमवार को भी कांग्रेसी नेताओं ने पुरानी रेलवे रोड पर बन रही सड़क का काम बीच में ही रुकवा दिया था।
मंगलवार को इस रोड में घटिया सामग्री का प्रयोग करने के खिलाफ आरटीआई एक्टिविस्ट फेडरेशन ने ठेकेदार के खिलाफ एक शिकायत भी दे दी है। आज जिस रोड का काम रोका गया है वह वार्ड नंबर तीन के तहत आती है। इनमें पार्षद सुरिंदर कौर, सुशील रिंकू और पार्षद अमनजीत कौर मेजर का हलका शामिल है। इन तीनों ने ही मौके पर पहुंचकर सड़क का काम रुकवाया था।
पार्षद अमनजीत कौर मेजर के पति मेजर सिंह का कहना है कि जिस ढंग से ठेकेदार सड़क बनवा रहे हैं उस मुताबिक कुछ ही माह के बाद सड़क टूट जाएगी। इस रोड का पूरा काम करीब डेढ़ करोड़ रुपये का है। पिछले समय के दौरान करीब 80 लाख रुपये के पत्थर इस रोड पर डाले जा चुके हैं। अब बीएम (पत्थर-बजरी का मिक्सचर) व लुक (तारकोल) डालने का काम होना बाकी था।
सोमवार को ठेकेदार की तरफ से बीएम डाला गया और मंगलवार को ठेकेदार लुक डालने लगा था। जब उन्होंने मौके पर जा कर देखा तो पता लगा कि बीएम उखड़ रहा था। ऐसे में ठेकेदार को लुक डालने से मना कर दिया गया। जब पार्षदों ने विरोध किया तो निगम कर्मियों के कहने के बाद ठेकेदार ने पुन: बीएम डालने के बाद लुक डाली है। उनके मुताबिक इस रोड पर पत्थर डालने के बाद 50 एमएम बीएम डाला जाता है उसके बाद ही 20 एमएम पीसी (लुक) डाली जाती है।
अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
तीनों पार्षदों ने आरोप लगाया कि यह गोरखधंधा नगर निगम के अधिकारियों से मिलकर चल रहा है। दुकानदार चरणजीत सिंह व संजीव जैन ने यह भी एतराज जताया है कि जो सड़क बनाई गई है, उस पर मिट्टी भी नहीं उठाई गई है। ऐसे में सड़क कितने दिन चलेगी पता नहीं है।
ठेकेदार, अधिकारियों पर मामला दर्ज करने की मांग
आरटीआई एक्टिविस्ट फेडरेशन ने पुरानी रेलवे रोड पर ठेकेदार सतीश अग्रवाल एंड कंपनी के खिलाफ थाना-3 में शिकायत की है। फेडरेशन ने आरोप लगाया कि ठेकेदार, एसडीओ हरजिंदर सिंह, जेई रविंदर सिंह के खिलाफ पब्लिक फंड में गड़बड़ी करने का मामला दर्ज किया जाए।