होशियारपुर के हरियाणा के रहने वाले 21 साल के रोहित ने प्रेमिका से आहत होकर जहर निगलकर खुदकुशी कर ली। यह घटना सोमवार रात को घटी।
इलाके की पुलिस ने इस घटना को काफी हलके में लिया और मृतक का शव उसके रिश्तेदार पुलिस को सूचना दिए बिना अपने घर ले गए। मामले की जानकारी जब पुलिस कमिश्नर ईश्वर सिंह को मिली तो उन्होंने तत्काल मृतक का शव वापस मंगवाकर पोस्टमार्टम करवाया। लापरवाही के आरोप में थाना दो के एएसआई सुरेश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। मंगलवार शाम को पुलिस ने मृतक रोहित के पिता सुरेश के बयान पर प्रेमिका सुरभि, रिश्तेदार वरुण व उसकी कक्षा में पढ़ने वाले तरुण नामक युवक के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया।
थाना दो के एसएचओ मनमोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी कि रोहित ने खुद जहर निगला था या उसे खिलाया गया। पुलिस ने बहरहाल खुदकुशी के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक रोहित पुत्र सुरेश कुमार निवासी हरियाणा भूंगा की बुआ जालंधर में रहती है। रोहित का अपनी बुआ के घर आना-जाना था। वहां उसकी मुलाकात बुआ की ससुराल में रिश्तेदार सुरभि से हो गई। तीन साल पहले जब रोहित की उम्र 18 साल थी, तब दोनोें में प्यार हुआ और इसकी खबर दोनों परिवारों को लग गई थी। रिश्तेदारी का मामला होने के कारण दोनों की शादी करने के लिए परिवार सहमत हो गए। रोहित के पिता सुरेश कुमार चाहते थे कि वह कोई कामकाज कर पैरों पर खड़ा हो जाए, फिर उसकी शादी कर दी जाएगी। इस बीच रोहित व सुरभि आपस में मिलते-जुलते रहते थे।
सुरेश कुमार का कहना है कि सोमवार दोपहर एक बजे रोहित अपने घर से निकला और जालंधर आ गया। उसकी कपूरथला चौक पर सुरभि से मुलाकात हुई। वहां पर रोहित ने जहर निगल लिया और सुरभि उसको सिविल अस्पताल ले गई। वहां पर सुरभि ने अपने क्लास में पढ़ने वाले तरुण व चाचा के बेटे वरुण को फोन कर बुला लिया।
सुरेश का कहना है कि उनको तो वरुण ने फोन कर बताया कि रोहित की हालत खराब है। कुछ देर बाद वरुण ने फिर फोन किया कि रोहित की मौत हो गई है वे शव लेकर होशियारपुर आ रहे हैं। वरुण शव लेकर भूंगा आ गया और उसने खुलकर कोई बात नहीं बताई।
एएसआई ने लापरवाही बरती : एसएचओ
डिवीजन नंबर दो के एसएचओ मनमोहन सिंह का कहना है कि एएसआई सुरेश कुमार को अस्पताल से संदेशा मिला था कि रोहित नामक युवक की हालत सीरियस है, वे तत्काल आ जाएं। एएसआई सुरेश अस्पताल पहुंचे, जहां पर चिकित्सकों ने बताया कि रोहित को ऑक्सफोर्ड अस्पताल रेफर किया गया है।
वहां रोहित की मौत हो गई तो उसके शव को वरुण लेकर होशियारपुर चला गया। एएसआई सुरेश कुमार ने सिविल अस्पताल से ऑक्सपोर्ड अस्पताल जाना जरूरी नहीं समझा, इसी कारण उसको सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस को जब पता चला कि शव होशियारपुर के हरियाणा भूंगा पहुंच चुका है तो मामले की गंभीरता को लेकर शव को तत्काल वहां से वापस मंगवाया गया और सिविल अस्पताल में रखा गया।
दिनभर चलती रही बातचीत
रिश्तेदारी होने के कारण दिन भर बातचीत चलती रही कि मामला दर्ज न किया जाए। पुलिस ने सुरभि के परिजनों को कई बार कहा कि वे लड़की को लेकर आएं लेकिन वे नहीं आए। इस कारण मामलेे में रहस्य बना रहा।