फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब बिजली कनेक्शन में भी होगी पोर्टेबिलिटी!

Thu, 05 Dec 2013 10:22 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
विज्ञापन
विज्ञापन
जालंधर। देश में मोबाइल की तरह लोग अब बिजली कनेक्शन की भी पोर्टेबिलिटी करवा सकेंगे। पार्लियामेंट में अगर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में संशोधन पास हो जाता है तो इसका सीधा लाभ लोगों को मिलेगा।
विज्ञापन


पंजाब की बात करें तो फोरम आफ रेगुलेटर ने जो प्रस्ताव पास किया है, उसके मुताबिक अब सूबे में पावरकॉम की मनमर्जी खत्म हो जाएगी। अगर इस बिल पर मंजूरी की मुहर लग जाती है तो खपतकारों को पुराने ढांचे पर ही दूसरी कंपनियां बिजली मुहैया करवाएंगी। नेशनल बिजली कंज्यूमर एसोसिएशन के महासचिव विजय तलवाड़ के मुताबिक इसी सेशन में यह प्रस्ताव पास हो जाएगा और आगामी चार माह में यह कानून देश भर में लागू हो जाएगा।

दिल्ली में हुए इस फैसले के मुताबिक जो कंपनियां बिजली की एजेंसी लेकर आगे सप्लाई देंगी, उन्हें रेगुलेटरी कमीशन से मंजूरी लेना जरूरी होगा। इस सप्लाई के लिए टैरिफ तय करने का अधिकारी रेगुलेटरी कमीशन के पास ही रहेगा। यही नहीं अभी राज्य में सप्लाई देने वाली पावरकॉम की भी लोगों से संपर्क बनाने (सप्लाई मुहैया) के लिए रेगुलेटरी कमीशन से लाइसेंस लेना पड़ेगा। नेशनल बिजली कंज्यूमर एसोसिएशन के महासचिव विजय तलवाड़ बताते हैं कि इस योजना को ओपन एक्सेस के साथ जोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन


इस समय पंजाब में बिजली के उत्पादन का काम पावरकॉम कर रहा है और लाइनें बिछाने का काम ट्रांसको कंपनी देख रही है। इसके बावजूद पावरकॉम को लोगों से संपर्क बनाने के लिए एक और कंपनी बनानी पड़ेगी।

ओपन एक्सेस से भी हो रही है सप्लाई
इस समय भी राज्य में ओपन एक्सेस के रास्ते कई बड़े उद्योग दूसरे राज्यों से बिजली खरीद अपनी डिमांड को पूरा कर रहे हैं। पावरकॉम के आंकड़ों के मुताबिक 278 कंज्यूमर ऐसे हैं, जो बाहर से बिजली खरीद रहे हैं और ट्रांसको को लाइनों का ट्रांसमिशन चार्ज (खर्च) अदा कर रहे हैं।

पुराने कंज्यूमर भी बदल सकेंगी सप्लाई
इस कानून के पास होने के बाद राज्य में पहले ही चल रहे करीब 80 लाख कंज्यूमर भी कंपनी बदल सकेंगे। इन कंज्यूमर को नई कंपनी के साथ जुड़ने के लिए कोई फीस नहीं अदा करनी होगी बल्कि सिर्फ एक आवेदन करना होगा। इसके बाद उसकी सप्लाई तथा रिपेयर नई कंपनी को ही करनी होगी।

छोटी लाइनें बिछानी पड़ेंगी कंपनियों को
नेशनल बिजली कंज्यूमर एसोसिएशन के महासचिव विजय तलवाड़ का कहना है कि इस कानून के मुताबिक कंपनियों को बड़ी लाइनें तो नहीं बिछानी होंगी। उन्हें सिर्फ मुहल्लों में अपनी छोटी तारें देनी होंगी, जिसके माध्यम से लोगों के घरों तक सप्लाई पहुंचेगी।

संशोधन सरकार और लोगों के हित में नहीं: यूनियन
पीएसईबी यूनियन के वरिष्ठ उपप्रधान भूपिंदर सिंह का कहना है कि इलेक्ट्रिसटी एक्ट 2003 में किया जा रहा संशोधन राज्य और लोगों के हित में नहीं है। इससे उपभोक्ता अधिक परेशान होगा। जब किसी उपभोक्ता की सप्लाई प्रभावित होगी तो उसे लाइन फाल्ट ठीक करवाने में कई दरवाजे खटखटाने होंगे। संशोधन के मुताबिक किसी भी कंपनी ने लाइनें तो स्टेट पावरकॉम की ही प्रयोग करनी हैं और उनसे आगे कंपनियों ने सप्लाई देनी हैं।
विज्ञापन


ऐसे में अगर लाइन में फाल्ट आ जाता है तो उसे ठीक करवाने के लिए अपनी कंपनी से संपर्क करना होगा और कंपनी आगे ट्रांसको से संपर्क कर लाइन ठीक करवाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें