आप में भी सब ठीक ठाक नहीं है। पार्टी की तरफ से मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट को लगाया गया है, जो अपना गुट खड़ा कर रहे हैं। कैंट से चुनाव लड़ चुके सुरिंदर सोढ़ी का छत्तीस का आंकड़ा आप की स्टेट सचिव राजविंदर कौर थियाड़ा के साथ है। अब पार्टी में जगबीर बराड़ व पूर्व अकाली नेता कमलजीत भाटिया आ गए हैं, वह अपनी लॉबी अलग खड़ी कर रहे हैं।
राजविंदर कौर कैंट में काफी सक्रिय
पार्टी में विधायक रमन अरोड़ा का तालमेल स्टेट सचिव राजविंदर कौर के साथ ठीक नहीं है। विधायक शीतल अंगुराल व विधायक रमन अरोड़ा के बीच काफी तालमेल है। जालंधर से पंजाब एग्रो एक्सपोर्ट के चेयरमैन मंगल सिंह बासी अलग से राजविंदर कौर के साथ चल रहे हैं और उसकी कैंट के सोढ़ी के साथ काफी ठनी हुई है। कैंट से सोढी ने पिछला चुनाव लड़ा था वह हार गए थे। पार्टी की तरफ से राजविंदर कौर कैंट में काफी सक्रिय हैं, जिससे सोढ़ी की नींद उड़ी हुई है। अब जगबीर बराड़ बीच में आ गए हैं। पंजाब एग्रो के चेयरमैन मंगल सिंह बासी खुद कैंट विधानसभा सीट से पार्टी के प्रबल दावेदार हैं।
अकाली दल व बसपा में भी आपस में तालमेल ठीक नहीं है। गांवों में बसपा व अकाली नेताओं के बीच ठीक ठाक नहीं है। दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चला आ रहा था, लेकिन तालमेल की कमेटियां नहीं बनी हैं। जिस कारण अकाली नेता बसपा से अलग होकर अपना प्रचार व मीटिंग कर रहे हैं। सुखबीर बादल जालंधर में आते हैं तो बसपाई उनका स्वागत भी करने से कतराते हैं। यही वजह है कि अकाली दल व बसपा की तरफ से संयुक्त उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है।