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सेना के जवान ने साथियों के साथ की थी लूट

Sat, 29 Mar 2014 10:41 PM IST
अमर उजाला जालंधर
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देहात पुलिस के लिए चुनौती बना मनी एक्सचेंजर से 32 लाख रुपये की लूट की वारदात को पुलिस ने सुलझा लिया है। नकोदर में हुई इस वारदात को एक फौजी ने अपने साथियों के साथ अंजाम दिया था।
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पुलिस ने करीब 25 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं और सेना के जवान को गिरफ्तार करने के लिए एक दल फाजिल्का के 10 जेके राइफल्स में भेजा गया है।

एसएसपी जसप्रीत सिंह सिद्धू, एसपी डिटेक्टिव एचपीएस खख ने बताया कि  25 दिसंबर की रात को नकोदर स्थित गोबिंद फारेक्स के मालिक किशन लाल निवासी सब्जी मंडी से उस समय करीब 32 लाख रुपये की लूट हो गई थी, जब वे अपने कार्यालय को बंद कर घर जा रहे थे। इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया था।

एसपी डी खख के नेतृत्व में बनी एसआईटी में एसआई सुरिंदरपाल सिंह, सीआईए इंचार्ज अंग्रेज सिंह, एसआई रूपिंदर सिंह को शामिल किया हुआ था। पुलिस ने कपूरथला पुली पर नाकेबंदी कर एक स्विफ्ट कार को रोककर तलाशी ली तो उसमें सवार दो युवकों के पास से 15 लाख रुपये की भारतीय करेंसी के अलावा 1700 अमेरिकन डालर, 211 कनाडा डालर, 4285 ऑस्ट्रेलियन डालर, 20 यूके पौंड बरामद किए गए। कार में सवार दोनों युवकों के पास से एक किलो नशीला पाउडर भी बरामद किया गया। गुरदेव सिंह गोनी पुत्र अवतार सिंह निवासी गांधरा नकोदर, भूपिंदर सिंह भिंदा पुत्र निशान सिंह निवासी गांधरा को गिरफ्तार कर लिया गया।
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एसपी खख ने बताया कि दोनों ने खुलासा किया कि 25 दिसंबर 2013 की रात को उन लोगों ने ही गोबिंद फारेक्स के मालिक किशन लाल से लूट की थी। इस लूट की वारदात में उनके साथ सेना के 10 जेके राइफल्स का जवान पुष्पिंदर सिंह भी शामिल था। पुलिस टीम सेना के जवान को काबू करने के लिए उसकी बटालियन रवाना कर दी गई है। लूट की राशि में से एक स्विफ्ट कार भी चार लाख में खरीदी गई थी।

दोस्तों से कर गया था गद्दारी
लूट करने वाले गुरदेव गोनी ने अपने दोनों साथियों से गद्दारी कर दी थी। वारदात वाले दिन तीनों सेना के जवान पुष्पिंदर की कार में सवार होकर गए थे। कार में से गुरदेव सिंह ने उतरकर किशन लाल की एक्टिवा छीन ली और भाग निकला था। एक्टिवा में विदेशी करेंसी सहित 32 लाख रुपये थे। गुरदेव सिंह के मन में लालच आ गया। उसने एक्टिवा से रुपयों वाला बैग निकालकर अपने साथियों को बताया कि सिर्फ डेढ़ लाख रुपये की निकले हैं। उसने दोनों को 50-50 हजार की राशि दे दी थी और बाकी खुद हजम कर गया था।

15 लाख की एफडी उसने बैंक में बना दी थी। इसके अलावा बाकी राशि को उसने घर में छुपा लिया था। गुरदेव गोनी की पत्नी यूके रहती थी। जब भी भारत आती तो गुरदेव अपनी पत्नी के साथ गोबिंद फारेक्स से मनी एक्सचेंज करवाने जाता था। इस दौरान उसकी नजर किशन लाल पर पड़ी, जो रोजाना रात को लाखों रुपये लेकर घर जाता है, तभी से गुरदेव के मन में इसको लूटने का तानाबाना तैयार होने लगा था।
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