पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन के बाद पंजाब में उठा तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को पूर्व दिवांगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की बेटी गुरकंवल कौर ने घोषणा कर डाली कि अगर पंजाब की नई कार्यकारिणी में बदलाव नहीं किया गया तो वे शीघ्र ही जालंधर में बीएमसी चौक पर बने शहीद बेअंत सिंह के बुत के आगे सौगंध खाकर मरणव्रत पर बैठेंगी। इसकी तारीख की घोषणा वे जल्द ही करेंगी।
गुरकंवल कौर शनिवार को जालंधर में प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस के नेताओं पर जमकर बरसीं और कहा कि पार्टी में टकसाली कांग्रेसियों को घर बैठाया जा रहा है। इसलिए प्रदेश कांग्रेस में बगावत हो रही है। गुरकंवल कौर ने कहा कि वे कई साल तक महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रधान रही हैं और पार्टी ने उनको शिअद से आए एक नेता के कारण नजरअंदाज कर दिया।
गुरकंवल कौर ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस हाईकमान महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की बात करती है वहीं प्रदेश कांग्रेस के गठन के समय सिर्फ दो फीसदी के आसपास महिलाओं को तवज्जो दी गई। गुरकंवल कौर ने जालंधर देहाती के नवनियुक्त जिला प्रधान जगबीर बराड़ पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक साल में तीन पार्टियां बदल ली और कांग्रेस ने उसको कैंट से विधानसभा उम्मीदवार बना दिया जबकि उनके बारे में सबको पता है कि उसके नजदीकी रिश्ते अफजल गुरु के साथ हैं।
शिअद के विधायक जगबीर बराड़ पहले पीपीपी में चले गए फिर वे कांग्रेस में आ गए और यह सब एक साल के भीतर हुआ। उनको 2012 में विधानसभा चुनाव लड़ा दिया, जिस कारण कांग्रेस बुरी तरह से हार गई। जगबीर बराड़ को अब जिला देहाती का प्रधान नियुक्त कर दिया गया है। गुरकंवल कौर ने कहा कि कांग्रेस के जितने भी टकसाली नेता हैं वे पार्टी में नजरअंदाज किए जाने से बेहद खफा हैं।