दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल में मंगलवार को डीआईजी गुरिंदर ढिल्लों और जालंधर देहात के एसएसपी जसप्रीत सिंह सिद्धू पहुंचे। उन्होंने चार घंटे से अधिक समय डेरे के भीतर बने कार्यालय में बिताया।
माना जा रहा है कि उनका दौरा हाईकोर्ट में दायर याचिका को लेकर था लेकिन डीआईजी और एसएसपी ने साफ इंकार किया कि उनका हाईकोर्ट के मामले में कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि वे उस केस में कोई पार्टी नहीं हैं।
वहीं, डेरे के स्वामी विशालानंद के मुताबिक आशुतोष महाराज अब भी गहन समाधि में हैं। उनके समाधि में रहने का इंतजार सारी उम्र किया जाएगा। संत तो समाधि में कई-कई साल रहते हैं। डेरे में आशुतोष महाराज के गहन समाधि के दर्शन भी संगतों को नहीं करवाए जा रहे हैं, जिसको लेकर काफी संशय बना हुआ है।
वहीं मामला हाईकोर्ट में जाने के कारण अब प्रशासन भी हरकत में आ गया है। मंगलवार को डीआईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों, एसएसपी जसप्रीत सिंह सिद्ध ने डेरे में पहुंचकर डेरा प्रबंधकों से लंबी बातचीत की। चार घंटे से अधिक समय बिताने के बाद दोनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बाहर निकले और जालंधर की तरफ निकल आए।
डीआईजी ढिल्लों ने कहा कि उनके दौरे का मकसद सिर्फ सिक्योरिटी जांचना था। डेरे में पुलिस अधिकारी कोई दखलंदाजी नहीं करेंगे। अगर हाईकोर्ट में कोई मामला है तो वे उसमें कोई पार्टी नहीं हैं, इसलिए कुछ कह नहीं सकते।