फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समाधि बर्फ और जल में भी लगाई जा सकती है : डेरा

Tue, 11 Feb 2014 10:02 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
विज्ञापन
विज्ञापन
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रमुख आशुतोष महाराज गहन समाधि में हैं। उनकी समाधि पर संत बाबा निर्मल दास ने प्रश्न उठाया तो डेरे की तरफ से उनको जवाब भी मिला कि समाधि की अवस्था लेटकर तो क्या जल व भूमि में भी हो सकती है।
विज्ञापन


डेरे के प्रवक्ता स्वामी विशालानंद ने कहा कि कौन कहता है कि लेटकर समाधि नहीं लगाई जा सकती? किस ग्रंथ में लिखा है कि समाधि की अवस्था बैठकर होती है? समाधि की कोई अवधि नहीं होती। यह एक घंटे से लेकर कई साल तक हो सकती है। समाधि की अवस्था पर जो संत सवाल उठा रहे हैं उन्हें पता होना चाहिए कि बैठकर सिर्फ साधना होती है। समाधि की कोई भी अवस्था हो सकती है। क्या जल में समाधि नहीं होती? विशालानंद ने कहा कि रामकृष्ण परमहंस तो चलते-चलते समाधि में चले जाते थे।

स्वामी विशालानंद ने कहा कि यह भी गलत है कि संत लोग उदय होने का वक्त अपने नजदीकी को बताकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जब समाधि में गए थे तो वक्त तय नहीं था। स्वामी विशालानंद महाराज ने कहा कि डेरे के ही नहीं बल्कि कई लोगों को अनुभूतियां मिल रही हैं, जिससे महाराज का आना तय है। साधकों के तो हमेशा अंग संग महाराज आशुतोष ही हैं। अनुभूतियां लिख-लिखकर कई पन्ने भरे जा चुके हैं। स्वामी विशालानंद ने कहा कि संगत काफी उत्साहित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें