दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के प्रमुख आशुतोष महाराज का बेटा होने का दावा करने वाला दिलीप झा पारिवारिक सदस्यों के साथ अपने घर से शिफ्ट हो गए हैं।
पूरा परिवार लखनौर गांव को छोड़कर दरभंगा जिले के चनौर (मनीगाछी) स्थित त्रिलोकेश्वरी काली मंदिर परिसर में शिफ्ट हो गया है। इसके पीछे मुख्य वजह दिलीप और उनके पारिवारिक सदस्यों पर मंडरा रहा खतरा है।
दिलीप झा के साले मोहनानंद ने बताया कि हालांकि यह पूरा मामला बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहुंच चुका है। बुधवार को उन्होंने कैबिनेट मंत्री नीतीश मिश्रा को दिलीप कुमार झा से मुलाकात करने के लिए गांव लखनौर भेजा। जहां पर कैबिनेट मंत्री ने पारिवारिक सदस्यों के साथ बातचीत की और उनको सरकार की तरफ से पूरी मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि यह मामला अब किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं बल्कि मानवता का है। इस मामले में बिहार के सीएम दिलचस्पी ले रहे हैं ताकि पारिवारिक सदस्यों को इंसाफ मिल सके।
कैबिनेट मंत्री नीतीश मिश्रा ने दिलीप झा और उसके पारिवारिक सदस्यों को सीएम नीतीश कुमार की ओर से पटना आने का न्यौता दिया ताकि वहां सीएम हाउस में बैठकर कर कोई रास्ता निकाला जा सके।
इस मामले में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से पहले ही सुशील कुमार मोदी गांव लखनौैर पहुंचकर पारिवारिक सदस्यों को पूरा भरोसा दिला चुके हैं लेकिन भाजपा की तरफ से कोई बात बनती न देखकर अब पारिवारिक सदस्यों को पूरी आशा बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर है।
अमर उजाला के साथ बातचीत में दिलीप झा के साले मोहनानंद ने बताया कि अभी गांव लखनौर में रहना खतरे से खाली नहीं है। कुछ ऐसी बातें सुनने को मिल रही हैं, जिससे खौफ पैदा हो रहा है। खतरा कहां से है? कौन लोग हो सकते हैं, इस पर उन्होंने खुलकर कुछ भी बोलने से मना किया है।
पूर्ण सिंह पहुंचे गांव लखनौैर
जालंधर। आशुतोष महाराज के चालक होने का दावा करने वाले पूर्ण सिंह अपनी टीम के साथ बिहार के मधुबनी जिले के गांव लखनौर पहुंच गए हैं। वहां पर आशुतोष महाराज का बेटा होने का दावा करने वाले दिलीप कुमार झा परिवार के साथ रहते हैं।
पूर्ण सिंह ने कहा कि वे आज ही सुबह पहुंचे हैं। अभी गांव में काफी भीड़ है। दिलीप झा के घर काफी लोग आ जा रहे हैं। उसकी पारिवारिक सदस्यों के साथ लंबी वार्ता हुई है और उन्होंने घटनाक्रम का पूरा ब्यौरा दिया है। पूर्ण सिंह का कहना है कि पारिवारिक सदस्य उसके साथ चंडीगढ़ तक आने के लिए राजी हो गए हैं। वे 2-3 दिन में उनको लेकर सीधे चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं।