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Punjab: 37 साल पहले पुलिस फायरिंग में चार युवकों की मौत की जांच करेगी एसआईटी, बेअदबी का कर रहे थे विरोध

Wed, 11 Oct 2023 10:02 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

नकोदर में गुरुद्वारे में 2 फरवरी 1986 को श्री गुरुग्रंथ साहिब के 4 पावन स्वरूप जलाने की घटना सामने आने के बाद चार फरवरी को रोष मार्च निकाला गया था। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चला दी और इसमें 4 युवकों की मौत हो गई थी।
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S.i.t (special Investigation Team)
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विस्तार
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पंजाब के नकोदर में 1986 में हुई बेअदबी में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग में 4 युवकों की मौत की जांच के लिए पंजाब सरकार ने अब एसआईटी का गठन कर दिया है। यह जानकारी पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में एसआईटी गठित करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान दी। इस जानकारी पर जांच को जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश देते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। 
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जालंधर के बलदेव सिंह ने 37 साल पुराने मामले में सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। जिसके लिए तत्कालीन डीसी दरबारा सिंह गुरु, एसएसपी मोहम्मद इजहार आलम और एसपी ऑपरेशन्स अश्वनी कुमार शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई के दौरान रिटायर जस्टिस गुरनाम सिंह आयोग की जांच रिपोर्ट सौंपने का पंजाब सरकार को आदेश दिया था। पंजाब सरकार ने बताया था कि रिपोर्ट का दूसरा भाग गायब है। हाईकोर्ट ने पूछा था कि जो रिपोर्ट विधानसभा में पेश की गई है वह कैसे गायब हो सकती है। 
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यह है मामला
नकोदर में गुरुद्वारे में 2 फरवरी 1986 को श्री गुरुग्रंथ साहिब के 4 पावन स्वरूप जलाने की घटना सामने आने के बाद चार फरवरी को रोष मार्च निकाला गया था। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चला दी और इसमें 4 युवकों की मौत हो गई थी। इस मामले में बिना मृतकों के परिजनों को जानकारी दिए चारों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार करवा दिया गया और अस्थियां परिजनों को सौंपने का प्रयास किया गया। इस मामले में जस्टिस गुरनाम सिंह की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया गया जिसकी रिपोर्ट 2001 में विधानसभा में पेश की गई। इसी रिपोर्ट का भाग दो गायब है जिसकी खोज के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की गई है।

 
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