पंजाब में आप सरकार बनने के बाद दिल्ली मॉडल को लागू करने की पूरी तैयारी चल रही है। सोमवार का बजट शिक्षा व सेहत पर फोकस रहा और 2022-23 के लिए शिक्षा का बजट 16 और स्वास्थ्य का 24 फीसदी बढ़ा दिया गया। पंजाब में सरकारी स्कूलों की खस्ता हालत का मुद्दा पंजाब चुनाव से पहले खूब उछला था और आप ने वादा किया था कि चुनाव के बाद पंजाब के स्कूल मॉडल बनेंगे। इसी तरह मोहल्ला क्लीनिक को आम आदमी पार्टी ने चुनावों में प्रचार के दौरान खूब भुनाया।
सरकारी स्कूलों में मैनेजर नियुक्ति होंगे, जो स्कूल में सफाई, टॉयलेट, पेयजल, रंग-रोगन, पंखों की मरम्मत आदि काम देखेंगे। इससे पहले स्कूलों में रंग रोगन की व्यवस्था शिक्षक ही करते थे, जिससे शिक्षा प्रभावित होती थी। इसके लिए 123 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं 30 करोड़ रुपये शिक्षकों की देश विदेश में ट्रेनिंग के लिए रखे गए हैं।
100 स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस के तौर पर तैयार किया जाएगा। यह स्कूल प्री-प्राइमरी से 12वीं तक होंगे। डिजिटल क्लासरूम, उपकरणों से लैस लैब, वोकेशनल ट्रेनिंग के जरिए स्टूडेंट्स को वर्ल्ड लेवल के कंपीटिशन के लिए तैयार किया जाएगा। इस पर 200 करोड़ खर्च होंगे।
500 सरकारी स्कूलों में आधुनिक डिजिटल क्लासरूम बनाए जाएंगे। इस पर 40 करोड़ खर्च होंगे। 424 करोड़ से सरकारी स्कूलों का बुनियादी ढांचा अपग्रेड होगा। 23 करोड़ से सरकारी स्कूलों में पहली से 8वीं तक के सभी स्टूडेंट्स को यूनिफॉर्म दी जाएगी। 11वीं क्लास के बच्चे स्टार्टअप को लेकर अपने सुझाव दे सकेंगे। उन्हें 2 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं।