फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बटाला में बर्खास्त कंडक्टर के हक में उतरे पनबस और पीआरटीसी कर्मी

विज्ञापन
पठानकोट रोडवेज डिपो के समक्ष रोष व्यक्त करते पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी के आउटसोर्स कर्मचारी। - फोटो : PATHANKOT
विज्ञापन
पठानकोट। पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कांट्रेक्टर वर्कर्स यूनियन पंजाब द्वारा बटाला में कंडक्टर को बर्खास्त करने और फिरोजपुर में कंडक्टरों के तबादलों के विरोध में रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान पठानकोट डिपो से कई बसों के रूट मिस हुए। वहीं, सरकारी बसों में स्कूल/कॉलेज जाने वाले विद्यार्थी और मुफ्त बस सेवा का लाभ ले रही महिलाओं को घंटों तक बस अड्डे पर परेशान होना पड़ा। पठानकोट में गेट रैली को संबोधित करते हुए महासचिव कमल ज्योति ने कहा कि बटाला डिपो में कंडक्टर की नाजायज रिपोर्ट की गई थी।
विज्ञापन

इस संबंध में यूनियन ने एक सप्ताह पहले सवारियों को डिपो प्रबंधक के समक्ष पेश किया और मांग पत्र भी दिया गया। उसके बावजूद कंडक्टर को बिना किसी गलती के ड्यूटी से बर्खास्त कर दिया गया, जिसे यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी। ज्योति ने बताया कि फिरोजपुर रोडवेज डिपो में पहले से 23 कंडक्टरों के पद रिक्त हैं। उसके बावजूद फिरोजपुर से 15 कंडक्टरों के तबादले पट्टी कर दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे फिरोजपुर डिपो के रूट प्रभावित होंगे। इसके विरोध स्वरूप पठानकोट डिपो को बंद कर किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग के उच्चाधिकारियों का विभाग को चलाने की तरफ कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि पट्टी डिपो में कंडक्टरों की कमी तो है तो जिन चालकों-कंडक्टरों की छोटी रिपोर्ट है या इंक्वायरी चल रही है, उन्हें मौका देकर पट्टी भेज दिया जाए। इससे फिरोजपुर में कामकाज प्रभावित नहीं होगा और पट्टी में भी बसें चलाकर लोगों को सुविधाएं प्रदान की जा सकती हैं।
वक्ताओं ने कहा कि स्टेट ट्रांसपोर्ट डायरेक्टर द्वारा परिवहन विभाग को चलाने में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रबंधन के धक्केशाही वाले रवैये के कारण नई सरकार आने के बाद से अब तक लगभग 25-30 बार विभिन्न डिपो बंद हो चुके हैं। इससे विभाग को लगातार आर्थिक नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ, परिवहन मंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री विभाग के पास पर्याप्त फंड की बात कहकर पंजाब की जनता को गुमराह किया जा रहा है। जिसके चलते कर्मचारियों में प्रतिदिन रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को सरकार से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार उनकी उम्मीदों पर बिल्कुल खरा नहीं उतरी और हर मोर्चो पर विफल हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समस्या का समाधान नहीं करती है तो शनिवार पंजाब की सड़कें बंद करने के साथ-साथ परिवहन मंत्री पंजाब, मुख्यमंत्री पंजाब के निवास समक्ष उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर भारी संख्या में यूनियन के पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें