सिख संगठनों की ओर से बुधवार सुबह शिव सेना की ललकार रैली के विरोध में ब्यास दरिया के पुल पर जाम लगाया गया। वहीं पुलिस ने यातायात अवरुद्ध करने की आशंका पर धरने के पहले ही कई सिख नेताओं को हिरासत में लिया।
पुलिस ने मंगलवार रात को करीब 12 बजे सिख तालमेल कमेटी के तजिंदर सिंह परदेसी को उनके घर से हिरासत में लिया। इसके बाद बुधवार सुबह पुलिस ने नीटू को भी हिरासत में लिया। पुलिस ने सुबह करीब 8 बजे सिख तालमेल कमेटी के एक अन्य नेता जगजीत सिंह गाबा को जेटीबी गुरुद्वारा में माथा टेक कर बाहर निकलते ही हिरासत में ले लिया। सिख स्टूडेंट फेडरेशन के एक नेता परमिंदर सिंह को घर में नजर बंद कर दिया गया।
पुलिस इन नेताओं को थाना सात में ले गई, जहां पर उनको नजरबंद कर रखा है। पुलिस की इस कार्रवाई की खबर मिलते ही कुछ सिख नेता हरपाल सिंह चट्ठा, गुरमीत सिंह बिट्टू आदि अंडरग्राउंड हो गए। लगभग 10 बजे इन नेताओं को पुलिस ने छोड़ दिया। हालांकि जालंधर से 40 से 50 सिख नेता इस रैली को रोकने के लिए ब्यास दरिया के पास पहुंच गए थे।
इन नेताओं तजिंदर सिंह परदेसी, जगमीत सिंह बिट्टू, जगजीत सिंह गाबा ने कहा कि उनका तो इस रैली में जाने का कोई इरादा नहीं था, पुलिस ने बेवजह उनको घर से उठाकर हिरासत में ले लिया। सिख नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने रंजिश के तौर पर उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस रैली पर शिव सेना के नेताओं का कहना है कि यह रैली पटियाला के किसी हिंदू संगठन की ओर से निकाली जा रही है, लेकिन इसके बावजूद सिख संगठन ब्यास दरिया पर एकत्र हुए व उन्होंने रोड जाम कर दिया।