प्रदेश के सात किसान संगठनों के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्राहां), कीरती किसान यूनियन और क्रांतिकारी किसान यूनियन की ओर से मंगलवार को मिनी सचिवालय के सामने धरना दिया गया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने मांगों की पूर्ति तक संघर्ष निरंतर जारी रखने का एलान भी किया। प्रदर्शनकारी प्रदेश के किसानों के सरकारी एवं गैर सरकारी कर्ज माफ करने, खुदकुशी कर गए किसानों के परिवारों को तीन लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और उनका कर्ज माफ करने की मांग कर रहे थे।
वक्ताओं ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए मांगों की पूर्ति तक संघर्ष जारी रखने की घोषणा की। इस दौरान भाकियू एकता उग्राहां के जिला अध्यक्ष पूरन सिंह दोदा, महासचिव गुरांदित्ता सिंह भागसर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरभगत सिंह भलाईआना हरबंस सिंह कोटली, सुखराज सिंह रहूडिय़ांवाली, टीएसयू के प्यारे लाल दोदा ने संबोधित किया।