जिले भर की विभिन्न ट्रेड यूनियनों की ओर से इंडियन फेडरेशन ऑफ ट्रेड यूनियन के बैनर तले मिनी सचिवालय के समक्ष प्रदर्शन जिला प्रधान संसार चंद के नेतृत्व में किया गया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने रोष मार्च निकाला और पीएम के नाम मांगपत्र डीसी को सौंपा।
प्रवक्ता विजय कुमार, कमल किशोर, मुख्तियार सिंह और जोगिंद्रपाल पनियाड़ ने कहा कि मोदी सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों से मेहनतकशों के घरों का चूल्हा ठंडा है। उन्होंने कहा कि एनसीआर, एनआरपी और सीएए को वापस लिया जाए, महंगाई पर रोक लगाई जाए, डीजल पर टैक्स कम किया जाए, लेबर एक्ट के कानूनों को सख्ती से लागू किया जाए, निर्माण के स्थान पर हुई मौत पर मालिक के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि सीएए के खिलाफ पूरे देश को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए।
प्रवक्ता ने कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नाम पर मजदूरों को परेशान किया गया लेकिन दो साल में निर्माण बोर्ड की ओर से पंजीकृत मजदूरों के खातों में स्कीमों का लाभ नहीं पहुंचा। मिस्त्री, मजदूर यूनियन नेता सुखदेव राज, प्रेम मसीह ने कहा कि आर्थिक फ्रंट पर भी मोदी सरकार बुरी तरह फेल साबित हुई है। मूल मुद्दों से देश का ध्यान भटका कर सीएए और एनआरसी में उलझा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीएए और एनआरसी का हाल भी नोटबंदी की तरह होगा। मौके पर रजनी घरोटा, ज्योति सैनी, शकुंतला, संगीता, कमला, चरणजीत, बबीता, रीना, शांति, निशु, सुमन, रूप रानी मौजूद थे।