पठानकोट। जिला के 63 से अधिक प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों ने कोरोना के कारण शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सभी स्कूलों के स्टाफ ने अपने संस्थानों में काले कपड़े पहनकर और काली पट्टियां बांधकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
स्कूल प्रबंधकों ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार कोरोना की आड़ में निजी शिक्षण संस्थानों को बंद करने पर तुली है। इसी के विरोध में यह प्रदर्शन आगामी चार दिनों तक जारी रहेगा। फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से एक नीति तैयार कर ही निजी स्कूलों पर शिकंजा कसा जा रहा है। इससे मध्यम वर्ग के लोग शिक्षा के अधिकारों से दूर हो जाएंगे। निजी शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण पहले ही बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो चुका है। वहीं, एक बार फिर से शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश से अभिभावक, स्कूल, प्रबंधक अध्यापक व वैन चालक काफी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन 31 मार्च तक जारी रहेगा।
निजी वैन संचालकों ने भी जताया रोष
सरकार की ओर से स्कूलों बंद किए जाने के जारी हुए फरमान के बाद निजी स्कूल वैन संचालकों ने भी रोष जताया। निजी वैन संचालक एसोसिएशन के प्रधान चांद सहोता ने बताया कि स्कूल बंद होने के कारण उन्हें पिछले वर्ष काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। कोरोना के मामले कम होने के बाद उन्हें अपने रोजगार की आशा जगी थी, परंतु सरकार की ओर से विगत वर्ष की तरह ही इस साल भी स्कूलों के बंद करने का फरमान जारी कर उन्हें एक बार फिर सड़कों पर लाया जा रहा है।
विद्यार्थियों की जान को जोखिम में नहीं डाला जा सकता
जिला शिक्षा अधिकारी बलदेव राज ने कहा कि विद्यार्थियों की जान को जोखिम में नहीं डाला जा सकता। यदि निजी स्कूल बंद है तो सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों के आने-जाने पर रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते कोरोना के मामले को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।