जिला जेल में शुक्रवार को एक कैदी ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर दी। सूचना मिलते ही जेल कर्मचारी और अधिकारी एकत्र हुए।
करीब 20 दिन पहले जगसीर सिंह (48) जो ट्रैक्टर टॉली चलाने का काम करता था, को धारा 376 के केस में अदालत ने जिला जेल भेजा था।
मृतक के ताया के बेटे मलकीत सिंह ने आरोप लगाया कि जगसीर सिंह ने फंदा लगाकर खुदकुशी नहीं की, बल्कि जेल कर्मचारियों की ओर से उसे अधिक पीटने की वजह से उसकी मौत हुई है। उसने आरोप लगाया कि जेल सुपरिंटेंडेंट की ओर से मृतक जगसीर सिंह के साथ फोन मांगने की मांग पर मारपीट करने की वजह से हुई है।
वीरवार को ही उसका भाई इकबाल सिंह और एक दोस्त जेल में उसके साथ मुलाकात करके गए हैं। उसने बताया कि गांव की ही एक महिला को जगसीर ने करीब डेढ़ लाख रुपये उधार दे रखे थे। जबकि उक्त महिला ने इन पैसों को हड़पने की नीयत से जगसीर को घर बुलाकर उस पर दुराचार का आरोप लगाकर केस दर्ज करा दिया था।
शुक्रवार को सुबह करीब साढे़ दस बजे उन्हें जेल से फोन आया कि जगसीर ने करीब एक घंटा पहले फंदा लगाकर जेल में खुदकुशी कर ली है। जब तक वह जेल पहुंचे तब तक जगसीर का शव जेल कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल में पहुंचा दिया था। उन्होंने उच्च अधिकारियों से इस मामले की जांच की मांग की है। मृतक जगसीर जहां खुद अविवाहित था वहीं इसके माता-पिता का भी निधन हो चुका है। इसका एक छोटा भाई है, लेकिन उसकी भी दिमागी हालत ठीक नहीं है।